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मुनिरका में फ्लैट से छुड़ाईं 16 युवतियां
हेल्पलाइन पर मिली शिकायत के बाद दिल्ली महिला आयोग ने की कार्रवाई, दो एजेंटों के खिलाफ रिपोर्ट
काम दिलाने का झांसा देकर मानव तस्करी के लिए लाया गया था, कुवैत व इराक भेजने की थी तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) ने मुनिरका के एक फ्लैट से मंगलवार रात करीब डेढ़ बजे 16 नेपाली युवतियों को मुक्त कराया। इन युवतियों को काम दिलाने का झांसा देकर मानव तस्करी के लिए नेपाल से लाया गया था। इन्हें कुवैत व इराक भेजने की तैयारी थी। डीसीडब्ल्यू ने हेल्पलाइन 181 पर मिली सूचना के बाद यह कार्रवाई की थी। टीम के साथ पुलिस और नेपाली उच्चायोग के अधिकारी भी थे। वसंत विहार थाना पुलिस ने दो नेपाली एजेंटों के खिलाफ जालसाजी व मानव तस्करी का दर्ज किया है। हालांकि, मंगलवार देर शाम तक पुलिस किसी भी एजेंट को गिरफ्तार नहीं कर पाई थी।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 16 नेपाली महिलाओं को मुनिरका में महावीर सिंह के मकान में रखा गया था। इनमें ज्यादातर नेपाल में कपिलवस्तु की हैं। इन्होंने अपनी मर्जी से यहां रहने की बात कही है। ये खुद खाना बनाती थीं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, महिलाओं को लाबसंग और नरेश नामक एजेंट भारत लेकर आए थे। दोनों को ही मकान मालिक को किराया देना था। कुछ दिन में ही इन महिलाओं को कुवैत जाना था। आरोपियों ने सभी महिलाओं के पासपोर्ट व अन्य कागजात अपने पास रखे हुए हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शुरुआती जांच में पता चला है कि इन महिलाओं को नौकरी के लिए कुवैत भेजा जा रहा था। वहां उन्हें प्रतिमाह 20 हजार रुपये तनख्वाह मिलती। बताया जा रहा है आरोपी पिछले दिनों सात नेपाली महिलाओं को कुवैत भेज चुके हैं।। बताया जा रहा है कि नेपाली महिलाओं को कुवैत भिजवाने पर एजेंटों को वहां से कमीशन मिलता।