डीपीएस प्रबंधन के खिलाफ भी सबूत जुटा रही पुलिस
- फुटेज, कॉल रिकार्डिंग और अभिभावकों को भेजे मैसेज व रिकार्डिंग बनेगी ठोस सबूत
- आरोपी का बचाव करने और बच्ची के प्रति लापरवाही बरतने पर कार्रवाई की है तैयारी
अमर उजाला ब्यूरो
ग्रेटर नोएडा। डीपीएस स्कूल में मासूम बच्ची से दुष्कर्म के केस में प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगने, अभिभावकों के केस दर्ज करने व गिरफ्तारी की मांग करने के बाद पुलिस भी कार्रवाई की तैयारी में है। पुलिस ने प्रबंधन के खिलाफ सबूत एकत्रित करने शुरू कर दिए हैं। इनमें पीड़ित बच्ची के अभिभावक को एफआईआर दर्ज कराने पर कर्मचारियों के धरना देने की धमकी की रिकॉर्डिंग, आरोपी के बचाव और वारदात को छिपाने के लिए भेजे गए अभिभावकों को मैसेज व वीडियो रिकार्डिंग और सीसीटीवी फुटेज अहम सबूत माने जा रहे हैं।
परिजन डीपीएस में बच्ची से दरिंदगी की वारदात के बाद ही स्कूल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। परिजन ने दुष्कर्म के केस में भी जल्द होने वाले 161 के बयान में भी प्रबंधन को आरोपी बनाने की बात कही है। वहीं, सोमवार को डीपीएस स्कूल के अभिभावकों ने भी आक्रोश व्यक्त कर प्रबंधन पर केस दर्ज करने और प्रिंसिपल समेत आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की। वहीं, पुलिस ने भी जानकारी दी है कि जिस तरह प्रबंधन पर आरोप लग रहे हैं और अब तक वह घटना से इंकार कर रहा है। इससे वह आरोपी का भी बचाव कर रहा है। इसके चलते वह भी जांच का हिस्सा है। इसलिए प्रबंधन के खिलाफ ठोस सबूत एकत्रित किए जा रहे हैं। जिससे उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सके।
जांच अधिकारी से कहा ‘बड़े अधिकारी हैं मेरे रिश्तेदार’
पुलिस सूत्रों ने जानकारी दी है कि प्रिंसिपल ने पूछताछ के दौरान जांच अधिकारी से ये भी कहा है कि उनके करीबी रिश्तेदार एक बड़े अधिकारी हैं। बताया जा रहा है कि ये जांच अधिकारी से धमकी भरे लहजे में कहा गया है। इसे पुलिस गंभीरता से ले रही है। जरूरत हुई तो इस धमकी भरे लहजे में जांच अधिकारी से कही गई बात को भी केस में शामिल किया जाएगा।
कोट
अगर प्रबंधन के खिलाफ ठोस सबूत मिलते हैं, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। इससे पहले पुलिस सबूत जुटाएगी। वहीं, जिलाधिकारी द्वारा गठित जांच टीम की रिपोर्ट का भी पुलिस इंतजार करेगी। इसके बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।- अमित किशोर श्रीवास्तव, सीओ ग्रेटर नोएडा प्रथम
बयान देने की स्थिति में नहीं बच्ची
इस पूरे प्रकरण में बच्ची के बयान काफी महत्वपूर्ण हैं। बच्ची के काउंसलर और उसकी मां के जरिये बयान होने हैं। हालांकि दुष्कर्म की शिकार पीड़िता की मानसिक और शारीरिक स्थिति पांचवे दिन भी ऐसी नहीं है कि उसके बयान लिए जा सकें। इसके चलते सोमवार को भी उसके बयान दर्ज नहीं हो सके।
छावनी बना डीपीएस चार थानों की पुलिस पहुंची
डीपीएस में अभिभावकों व विभिन्न संगठनों के आवेश के चलते चार थानों की पुलिस को मौके पर बुलाना पड़ा। इनमें सूरजपुर कोतवाली, नॉलेज पार्क, कासना और महिला थाने पुलिस भी शामिल थी। ईकोटेक-3 थाने से भी महिला पुलिसकर्मियों को बुलाया गया था लेकिन वह समय रहते मौके पर नहीं पहुंच सकी। अभिभावकों के आक्रोश के चलते प्रिंसिपल ने एक बार अपने कार्यालय का गेट भीतर से बंद कर लिया और खुद भी भीतर बंद हो गई। इस दौरान अभिभावक उनके कार्यालय का बाहर से गेट पीटते रहे। बाद में पुलिस सुरक्षा घेरे में प्रिंसीपल को अभिभावकों के बीच लाया गया। अभिभावकों से वार्ता के दौरान भी कड़ी सुरक्षा रही और बाद में भी उन्हें सुरक्षा में ही वापस ले जाया गया।
पीड़ा को भाषण कहने पर भड़के अभिभावक
अभिभावक और प्रिंसिपल के बीच वार्ता के दौरान एक अभिभावक अपनी पीड़ा व्यक्त कर रहे थे। तभी प्रिंसीपल ने कहा कि इन्होंने जो अपने भाषण में कहा। इस बात पर अभिभावक भड़क गए और बोले हमारी पीड़ा भी आपको भाषण नजर आती है। आप बच्चों से किस तरह का व्यवहार करते होंगे। इस पर प्रिंसिपल ने कहा आपको अपने एक दो बच्चों की चिंता है। मुझे अपने स्कूल में पढ़ने वाले सभी बच्चों की चिंता है।