आजाद हिंद फौज के सैनिक करन सिंह को दी अंतिम विदाई
दादरी। आजाद हिंद फौज के पूर्व सैनिक करन सिंह (100) का पैतृक गांव मायचा में राष्ट्रीय सम्मान के अंतिम संस्कार किया गया। ग्रेटर नोएडा के सेक्टर पाई-1 में बड़े बेटे के घर शनिवार उनकी मौत हो गई थी। करन सिंह ने चार साल फौज में रहकर देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। तीन साल काला पानी की सजा भी काटी थी। उस दौरान घर वालों ने उन्हें मरा हुआ मान लिया था। वहीं, 1948 में वे घर वापस आ गए थे।
मायचा गांव निवासी करन सिंह करीब 22 वर्ष की आयु में 1941 में आजाद हिंद फौज में भर्ती हुए थे। 1945 में इनको डिस्चार्ज कर काला पानी की सजा दी गई थी। परिजनों को इनके बारे में कुछ पता नहीं था। पिता शिवनारायण के पांच बेटे और एक बेटी थी। जिसमें करन सिंह सबसे छोटे थे। इनकी पत्नी फूलवती करीब 88 वर्ष की हैं। करन सिंह अपने बड़े बेटे ब्रह्म सिंह के साथ सेक्टर पाई-1 में रहते थे। परिजनों ने बताया कि शनिवार दोपहर करीब 3 बजे जूस पीकर सो गए। कुछ देर बाद चाय पीने के लिए उठाया गया तो नहीं उठे। डॉक्टर को बुलाकर चेक कराया। डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। उसके बाद अन्य परिजनों और रिश्तेदारों को सूचित किय गया। रविवार को मायचा में अंतिम संस्कार किया गया। इस मौके पर दादरी तहसीलदार अभय प्रताप सिंह, कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नीरज मलिक सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग मौजूद रहे।