तावडू। गांव रंगाला घाटी में लूटपाट की कोशिश करने के मामले में पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस रिमांड के दौरान लड़कियों का दुष्कर्म कर हत्या की वारदतों को अंजाम देना कबूला है। आरोपी लड़कियों को लिफ्ट देने के बहाने से गाड़ी में बिठाते थे। उनका दुष्कर्म करने के बाद हत्या कर शव को नहर में बहा देते थे। उन्होंने इस तरह के दो वारदातों को कबूला है।
आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ जारी है, पुलिस का दावा है कि अभी और भी खुलासे सामने आ सकते है। पुलिस प्रवक्ता से प्राप्त जानकारी अनुसार 13 जुलाई को गांव रंगाला घाटी में लूट की कोशिश करने के मामले में आरोपी देवेन्द्र, मंजीत, नासिरू व रिंकु को गिरफ्तार किया था। जिन्हें अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है।
पुलिस रिमांड के दौरान की गई पूछताछ पर आरोपियों ने पूर्व में किए गए दो अपहरण, बलात्कार व हत्या की वारदातों का अंजाम देने का अपराध कबूला है।
भिवाड़ी से किया था अपहरण
पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक रिमांड के दौरान आरोपियों ने बताया कि 24 दिसंबर 2018 को वे सभी पिकअप गाड़ी में सवार होकर भिवाड़ी की तरफ जा रहे थे। रास्ते से उन्होंने एक लड़की का अपहरण किया। नूंह के गांव उटोन के पास दुष्कर्म कर उसकी हत्या कर दी। उसके शव को गांव बीबीपुर के पास गुरुग्राम नहर में पत्थर बांध कर फेंक दिया।
अपने ही घर में किया था दुष्कर्म
आरोपी देवेन्द्र ने बताया कि 20 जुलाई 2020 को वह पिकअप गाड़ी से अपनी ससुराल गढी, होडल गया था वहां से वापिस आते समय होडल में एक लडकी ने उससे लिफ्ट मांगी, जिसे आरोपी देवेन्द्र पिकअप गाड़ी में बैठा लिया। वह उसे अपने घर गांव जौरासी ले आया और रात के समय उसके साथ बलात्कार कर हत्या कर दी। शव को जौरासी से बिलासपुर रोड पर बनी एक झील में पत्थर से बांधकर फेंक दिया। दोनों हत्याओं के संबध में पूर्व में थाना सदर नूंह व सदर थाना तावडू पुलिस में मुकदमा दर्ज किया हुआ है।