नगीना। दुनियाभर में सुर्खियां बटोरने वाले रकबर हत्याकांड के मुख्य आरोपी नवल किशोर को बृहस्पतिवार रात अलवर जिले के रामगढ़ थाना पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को शुक्रवार को अलवर जिला न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इस मामले में 21 जुलाई 2018 को रामगढ़ पुलिस ने 5 लोगों को नामजद किया था, जिनमें से चार की गिरफ्तारी हो चुकी थी। कई महीने जेल में रहने के बाद आरोपी परमजीत सिंह और सुरेश को जमानत मिल चुकी है जबकि धर्मेंद्र यादव और नरेश अभी जेल में ही हैं।
रामगढ़ पुलिस के थाना प्रभारी राम निवास ने बताया कि नवल किशोर ही रकबर हत्याकांड का मास्टरमाइंड था, जिसने खुद को और अपने साथियों को बचाने के लिए पुलिस पर दोष मढ़ा था। उसने कहा था कि पुलिस की पिटाई से रामगढ़ थाने में हरियाणा के कोलगांव निवासी रकबर (28) की मौत हुई है, लेकिन ऐसा नहीं था। राजस्थान के तत्कालीन गृह राज्यमत्री गुलाबचंद कटारिया व पुलिस महानिदेशक ओपी गलहोत्रा ने उस दौरान ललावंडी गांव में घटनास्थल पर पहुंचे थे। राजस्थान के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक के आदेश पर एएसआई मोहन सिंह, सिपाही हरेंद्र, विजय सिंह, सुरेंद्र को लाइन हाजिर कर निलंबित कर दिया था।
रकबर के वकील अख्तर हुसैन व सरकारी वकील अशोक शर्मा ने बताया कि नवल किशोर को अदालत में पेश किया गया और उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इस मामले में राजस्थान सरकार ने वरिष्ठ अधिवक्ता नासिर नकवी को भी रकबर केस की पैरवी के लिए अधिकृत किया हुआ है। मुख्य गवाह असलम ने बताया कि जिस दिन घटना हुई उस वक्त नवल किशोर खेत में मौजूद था और उसके ही इशारे पर रकबर को पीट-पीटकर अधमरा कर दिया गया था और मुझे भी जमकर लाठी-डंडों से पीटा था, लेकिन मैं मौका पाकर वहां से भाग निकला था। वे रकबर व मुझे तेल छिड़ककर मारना चाहते थे। इसी कड़ी में चश्मदीद पुलिस निरीक्षक ने बताया था कि मुख्य आरोपी नवल किशोर ही वह शख्स था जो रामगढ़ पुलिस को मौका ए वारदात पर लेकर पहुंचा था। अलवर की अदालत में रकबर की पत्नी अकमीना व पिता सुलेमान ने प्रार्थना पत्र देकर मुख्य आरोपी रहे नवल किशोर को अपराधी के तौर पर तलब करने और मुकदमा चलाने की अर्जी दाखिल की थी जो खारिज हो गई थी। इसके बाद रकबर की पत्नी ने राजस्थान हाईकोर्ट में अर्जी दाखिल की थी। हालांकि तब सरकारी वकील ने निचली अदालत में नवल किशोर को बतौर अभियुक्त तलब करने का विरोध किया था, लेकिन पुलिस ने अपनी जांच में नवल किशोर को ही रकबर की हत्या का मुख्य आरोपी करार दिया और उसकी गिरफ्तारी कर ली। रकबर के पिता सुलेमान की भी न्याय के इंतजार में मौत हो चुकी है। उसके 7 बच्चे हैं। रकबर की पत्नी अकलीमा ने बताया कि हम गोपालक हैं फिर भी मेरे पति को गो तस्कर बताकर मार दिया गया। मैं यह कलंक कैसे धो पाऊंगी। दरिंदों को फांसी होनी चाहिए ताकि समाज में सही संदेश जाए। बता दें कि इस घटना के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व उच्चतम न्यायालय ने कड़ी टिप्पणी की थी। इस घटना की राजस्थान की तत्कालीन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया ने निंदा करते हुए दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई के आदेश दिए थे। इतना ही नहीं रामगढ़ के तत्कालीन विधायक ज्ञानदेव आहुजा के बयानों के कारण देश ही नहीं, दुनियाभर में किरकिरी हुई थी हालांकि उनके बयान से भाजपा ने पल्ला झाड़ लिया था।
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कैपशन: कोलगांव निवासी मृतक रकबर की पत्नी व बच्चे।