ग्रेटर नोएडा। नामी कंपनियों से ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले ग्राहकों का डाटा चोरी कर ठगी का मामला राज्यसभा तक पहुंचने के बाद फरार कॉल सेंटर संचालक और डाटा चोरी करने वाले आरोपी की तलाश तेज हो गई है। हाल ही में भाजपा के राज्यसभा सांसद सुरेंद्र नागर ने डाटा चोरी कर की जा रही लाखों-करोड़ों की ठगी पर रोक लगाने के लिए कानून बनाने की मांग की है। इसके बाद से साइबर सेल व अन्य टीम आरोपियों की घेराबंदी में जुट गई हैं।
साइबर सेल प्रभारी बलजीत सिंह की टीम ने 27 नवंबर को नोएडा के सेक्टर-6 और सेक्टर-7 में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर का खुलासा किया था। मौके से 23 युवती और 22 युवक को गिरफ्तार किया था। कॉल सेेंटर संचालक और कॉल सेंटर को डाटा उपलब्ध कराने वाला आरोपी अभी फरार है। पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में पुलिस को बताया था कि उन्हें नामी कंपनियों से ऑनलाइन शॉपिंग करने वाले लोगों के नाम, ई-मेल, फोन नंबर, पता आदि डाटा उपलब्ध कराया जाता था। इसके बाद वह संबंधित ग्राहकों को कॉल कर लकी ड्रॉ निकलने, अधिक डिस्काउंट पर ऑनलाइन शॉपिंग करने आदि का झांसा देकर ठगी करते थे। ठगी के इस गंभीर अपराध से निजात दिलाने के लिए सांसद सुरेंद्र नागर ने राज्यसभा में कानून बनाकर सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। इसके बाद पुलिस ने भी आरोपी कॉल सेंटर संचालक दिलीप की तलाश में कई ठिकानों पर दबिश दी है। पुलिस का कहना है कि दिल्ली के न्यू अशोक नगर निवासी दिलीप सरोज और नंदन को एक अन्य ने ऑनलाइन कंपनियों से डाटा उपलब्ध कराया गया था।
25 पैसे में खरीदकर लाखों ठगते हैं...
एसटीएफ ने लगभग एक साल पहले इसी तरह का खुलासा कर कॉल सेंटर कर्मियों को गिरफ्तार किया था। आरोपियों ने पूछताछ में बताया था कि वह एक ग्राहक का डाटा 25 पैसे के हिसाब से खरीदते थे। ग्राहकों की संख्या लाखों में होती है। इसके चलते डाटा चोरी कर फर्जी कॉल सेंटर को उपलब्ध कराने वाले को मोटा मुनाफा होता है। इसके बाद नामी कंपनियों से शॉपिंग करने वाले उपभोक्ता कॉल आने पर असली कंपनी का प्रतिनिधि समझकर ठगों के झांसे में आ जाते थे।
फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। कई ठिकानों पर दबिश भी दी गई है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे रैकेट का खुलासा किया जाएगा।
-बलजीत सिंह, साइबर सेल प्रभारी