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कंपनियों में बनेंगे कोविड हेल्प डेस्क, सीमा से सटे इलाकों में रैंडम जांच

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प्रेसवार्ता के दौरान जानकारी देते जिलाध‌िकारी
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नोएडा। कोरोना संक्रमण एक बार फिर बढ़ रहा है। गौतमबुद्घ नगर में संक्रमण की दर 0.4 फीसदी थी, जो बढ़कर एक फीसदी हो गई है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने गाइडलाइन जारी की है। कोरोना से बचाव के लिए अब जिले की सीमाओं, रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंड, मेट्रो स्टेशनों और सीमाओं पर स्थित सेक्टरों और गांवों में रैंडम जांच की जाएगी। बुधवार को गाइडलाइन जारी करते डीएम सुहास एलवाई ने कहा कि सभी औद्योगिक इकाइयों को 24 घंटे के अंदर कोविड-19 की हेल्प डेस्क शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं।
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डीएम ने लोगों से संयमित रहकर कोरोना से बचने और दूसरों से बचाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक कार्यक्रमों के आयोजन को लेकर भी प्रशासन और पुलिस से अलग-अलग ऑनलाइन अनुमति लेनी होगी। यदि किसी ने बिना अनुमति के कार्यक्रम का आयोजन किया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। यदि कोई निजी कार्यक्रम है तो उसके लिए अनुमति की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रमों में संख्या को लेकर अभी किसी तरह की कोई पाबंदी नहीं है। जिले का आर्थिक विकास करना है तो कोरोना को हराने के लिए लोगों को आगे आना होगा। वर्तमान समय में लोग लापरवाही बरत रहे हैं और मास्क व दो गज की दूरी को भूल रहे हैं। यदि यह लापरवाही बढ़ी तो जिला आर्थिक विकास में पिछड़ जाएंगे।
सख्ती के लिए नहीं करें मजबूर
डीएम ने कहा कि होली का त्योहार और पंचायत चुनाव करीब है। ऐसे में हमें स्वयं के अनुशासन की आवश्यकता है। यदि हर व्यक्ति कोविड-19 गाइड लाइन का पालन करेगा तो इस बीमारी से लड़ा जा सकेगा। इसलिए पुलिस-प्रशासन को सख्ती करने पर मजबूर नहीं करें। स्वयं ही मास्क लगाए और दो गज दूरी का भी पालन करें। यदि ऐसा न हुआ तो मजबूरी में कार्रवाई की जाए।
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जुकाम, खांसी और बुखार हो तो कर्मियों ने नहीं कराएं काम
डीएम ने कहा कि गौतमबुद्घ नगर में सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थानों, कंपनियों और लघु इकाइयों को निर्देश दिए गए हैं कि यदि किसी कर्मचारी को जुकाम, खांसी और बुखार है, तो उससे काम नहीं कराया जाए। उसको घर पर ही रहने के निर्देश दिए जाए और कोरोना जांच भी अवश्य कराई जाए।
टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर कराए पंजीकरण
जिलाधिकारी ने कहा कि 45 साल से अधिक उम्र के लोगों को टीकाकरण के लिए कोविन पोर्टल पर पंजीकरण कराना चाहिए। टीकाकरण के बाद कोरोना संक्रमण से बचाव हो सकेगा। उन्होंने कहा कि टीकाकरण के लिए अधिक से अधिक लोगों को जागरूक करने का काम किया जा रहा है।
रोजाना करीब 4000 लोगों की हो रही जांच
संक्रमण को कम करने के लिए ही जांच का दायरा बढ़ा दिया गया है। अब रोजाना 3500 से 4000 लोगों की कोरोना जांच की जा रही है। इनमें 1500-1800 तक आरटीपीसीआर जांच होती है और बाकी एंटीजन किट से सैंपल लिए जा रहे हैं। बीते सप्ताह तक रोजाना आरटीपीसीआर और एंटीजन किट से करीब 1500 जांच की जा रही थी।
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