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माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। बेनेट यूनिवर्सिटी के छात्र का अपहरण एवं हत्याकांड में नामजद मुख्य आरोपी रचित नागर को अदालत से एक बार फिर राहत नहीं मिली है। अदालत ने आरोपी की जमानत अर्जी खारिज कर दी। यह आरोपी का तीसरा जमानत आवेदन था। मामला थाना दादरी क्षेत्र का है। अभियोजन के अनुसार 27 फरवरी 2024 को प्रदीप कुमार मित्तल ने अपने पुत्र यश के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। यश बेनेट यूनिवर्सिटी में बीबीए प्रथम वर्ष का छात्र था और हॉस्टल में रह रहा था। परिजनों के अनुसार 26 फरवरी की शाम करीब साढ़े छह बजे वह हॉस्टल से बाहर गया, लेकिन वापस नहीं लौटा। अगले दिन उसके मोबाइल से परिजनों को संदेश मिला कि उनका बेटा उनके कब्जे में है और उसे छोड़ने के लिए छह करोड़ रुपये की फिरौती की मांग की गई है। विवेचना के दौरान पचा चला आरोपी रचित नागर और उसके साथियों ने आपराधिक साजिश रचकर छात्र का अपहरण किया, फिर उसकी गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को गजरौला क्षेत्र के एक खेत में दबा दिया गया। शव की बरामदगी आरोपी रचित की निशानदेही पर हुई थी। जांच में मृतक की बहन और उसकी मित्र के बयान भी महत्वपूर्ण माने गए थे।
वहीं बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने दलील दी कि आरोपी को झूठा फंसाया गया है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि मात्र गुडवर्क दिखाने के लिए पुलिस की ओर से आरोपी को फंसाया गया है। वहीं अभियोजन पक्ष ने कहा कि आरोपी मुख्य साजिशकर्ता है। फिरौती की रकम मांगने में भी उसकी भूमिका रही है।अदालत ने अपने आदेश में कहा कि वर्तमान आवेदन में ऐसा कोई नया तथ्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिससे जमानत पर विचार किया जा सके।