माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। सत्र न्यायालय ने महिला की हत्या में आरोपी सूरज सिंह यादव की जमानत अर्जी खारिज कर दी है। सत्र न्यायाधीश ने कहा कि आरोपी की भूमिका सह आरोपियों के समान प्रतीत होती है और अपराध की प्रकृति गंभीर है। ऐसे में जमानत का आधार पर्याप्त नहीं है।
मामले के अनुसार 21 जून 2025 को सेक्टर-160 गांव झट्टा के पास रेलवे ट्रैक के किनारे एक अज्ञात महिला का शव बरामद हुआ था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मृतका की मौत सिर पर चोट लगने से होना दर्शाया गया। इसके बाद 25 जुलाई 2025 को थाना नॉलेज पार्क में मुकदमा दर्ज हुआ और विवेचना शुरू हुई। जांच में पता चला कि मृतका निकिता शर्मा थी। विवेचना के दौरान पुलिस ने मृतका के मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और बैंक आईडी की पड़ताल की। इसमें यह तथ्य सामने आया कि मृतका के मोबाइल नंबर पर आरोपी सूरज सिंह यादव के मोबाइल से 11 मई से 18 जून 2025 तक सौ से अधिक बार बातचीत हुई। वहीं घटना वाले दिन 18 जून को सह आरोपी विवेक और सूरज सिंह के बीच भी मोबाइल वार्ता हुई और दोनों के फोन की लोकेशन मृतका के किराए के मकान सेक्टर-49 गांव होशियारपुर के पास पाई गई। इसके बाद दोनों ने अपने फोन स्विच ऑफ कर दिए।
आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त बांस की लाठी के टुकड़े, मृतका की चप्पल और मोबाइल फोन बरामद किए थे। अदालत ने अभियोजन पक्ष की दलीलों को अधिक ठोस मानते हुए कहा कि मामले की गंभीरता और आरोपी की भूमिका को देखते हुए जमानत का कोई आधार नहीं है।