कैराना। नौ साल पहले पंजाब की नाभा जेल पर फायरिंग करके खालिस्तानी लिबरेशन फ्रंट के चीफ सहित छह आतंकियों को भगाने के मास्टरमाइंड परविंदर उर्फ पिंदा की चार नवंबर को अदालत में तारीख है। 2016 में गिरफ्तारी के बाद से परविंदर की पेशी कोर्ट में केवल वीडियो कांफ्रेंस के जरिए हुई।
26 नवंबर 2016 को पंजाब की नाभा जेल पर ताबड़तोड़ फायरिंग करके जेल में बंद खालिस्तान लिबरेशन फ्रंट के चीफ सहित छह आतंकियों के भगाने के बाद जेल तोड़ने का मास्टरमाइंड परविंदर फॉर्च्यूनर गाड़ी से कैराना के रास्ते देहरादून भाग रहा था। इस दौरान कैराना पुलिस ने परविंदर को दबोच लिया। पुलिस ने परविंदर के विरुद्ध अवैध हथियार और फर्जी आईडी के दो मुकदमे दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया था, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में मुजफ्फरनगर जेल भेज दिया गया था। इसके दो दिन बाद पंजाब पुलिस परविंदर को पंजाब में दर्ज मुकदमों के मामले में मुजफ्फरनगर जेल से पंजाब ले गई थी। पंजाब कोर्ट में परविंदर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। वर्तमान में परविंदर बठिंडा जेल में बंद बताया जा रहा है।