फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Noida News: अदालत ने जवाब दाखिल करने के लिए केजरीवाल को दिया समय

विज्ञापन
विज्ञापन
ट्रायल कोर्ट ने ईडी की ओर से दायर दो शिकायतों पर सीएम को समन जारी किया था
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली।
अदालत ने बुधवार को मुख्यमंत्री केजरीवाल को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की ओर से जारी समन के खिलाफ उनके दो संशोधनों पर दायर जवाबों पर प्रत्युत्तर दाखिल करने के लिए समय प्रदान किया है। ट्रायल कोर्ट ने ईडी की ओर से दायर दो शिकायतों पर केजरीवाल को समन जारी किया था। राउज एवेन्यू कोर्ट के विशेष न्यायाधीश राकेश सयाल ने केजरीवाल की ओर से पेश वकीलों की दलीलें सुनने के बाद जवाब दाखिल करने और संशोधन पर बहस के लिए दो सप्ताह का समय दिया है। मामलों को आगे की सुनवाई के लिए 14 मई को होगी।
विज्ञापन

केजरीवाल को ईडी ने 21 मार्च को गिरफ्तार किया था। वे 7 मई तक हिरासत में हैं। राउज एवेन्यू कोर्ट ने 15 मार्च को ईडी की शिकायतों पर केजरीवाल को जारी समन पर रोक लगाने से इनकार कर दिया। इससे पहले केजरीवाल के वकील वरिष्ठ अधिवक्ता रमेश गुप्ता ने कहा था कि केजरीवाल ने कोई अवज्ञा नहीं की है। किसी व्यक्ति को तभी बुलाया जा सकता है जब उसकी गैरहाजिरी जानबूझकर की गई हो। उन्होंने प्रत्येक सम्मन का उत्तर दिया और सूचित किया कि वह मुख्यमंत्री के रूप में जिम्मेदारी के कारण नहीं आ सके। इन शिकायतों को दर्ज करने से पहले संशोधनवादी को ईडी की ओर से कारण बताओ नोटिस नहीं दिया गया था। वे एक लोकसेवक हैं, इसलिए मुकदमा चलाने के लिए पूर्व मंजूरी की आवश्यकता थी जो प्राप्त नहीं की गई थी। समन जानबूझकर उन तारीखों के लिए भेजे गए थे, जिस दिन वह बजट तैयारी जैसे सार्वजनिक कार्यों में व्यस्त थे। दूसरी ओर एएसजी एसवी राजू ने आरोपियों के वकीलों की दलीलों का विरोध किया और कहा कि अवज्ञा जानबूझकर की गई है या नहीं, यह मुकदमे का मामला है। यह संशोधन समन करने के आदेश के खिलाफ है। एडी, डीडी और जेडी को कानूनी तौर पर किसी भी व्यक्ति को सबूत पेश करने के लिए बुलाने का अधिकार है। अगर मांगे गए सबूत नहीं दिए गए तो यह जानबूझकर अवज्ञा है। समन कानून का पालन कर रहे थे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें