माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। मैनपावर कंपनी से 25.66 लाख की धोखाधड़ी के मामले में दो आरोपियों लवकुश मित्तल व गौसिया खातून की अग्रिम जमानत अर्जी खारिज हो गई। अदालत ने जमानत के लिए दी गई दलील को कमजोर मानते हुए अर्जी खारिज की। मामले में एक अन्य आरोपी सलीम खान को मंगलवार को अदालत में पेश किया गया है। जहां से उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
ब्लैक्स सिक्योरिटी मैनपावर सल्यूशंस के अधिकृत प्रतिनिधि विक्रम रनधावा ने फेज-3 कोतवाली में रिधान एंटरप्राइजेज इंडिया प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक फुजैल अहमद, सलीम खान, गौसिया खातून सहित दीपक राणा, राजेश सिंह और लवकुश मित्तल पर ठगी का आरोप लगाते हुए केस दर्ज कराया था। आरोप है कि 20 फरवरी 2025 को फुजैल अहमद ने मैनपावर पैरोल सर्विसेज उपलब्ध कराने का प्रस्ताव देकर अनुबंध करने को मजबूर किया। 2 अप्रैल को एग्रीमेंट और 28 मार्च को वर्क ऑर्डर हुआ था।
शिकायतकर्ता कंपनी ने अपने आईसीआईसीआई बैंक खाते से करीब 55 कर्मचारियों की सैलरी का भुगतान कर दिया। 31 मार्च को 25.66 लाख रुपये का बिल रिधान कंपनी को भेजा गया था। मगर इसके बदले में दिए गए चेक को 9 मई को बैंक में जमा करने पर पर्याप्त धनराशि न होने के कारण बाउंस हो गया। यह गिरोह पहले से ही देशभर की कई कंपनियों को फर्जी अनुबंध और वेतन भुगतान के बहाने करोड़ों रुपये का चूना लगा चुका है। आरोपियों के खिलाफ हाथरस और नोएडा के थाना फेस-2 में भी मामले दर्ज हैं। मैनपावर कंपनी के अधिवक्ता ने बताया कि अदालत ने दोनों पक्षों की दलील सुनने के बाद आरोपियों की अग्रिम जमानत खारिज कर दी।