ग्रेटर नोएडा (संवाद)। गौतमबुद्ध विश्वविद्यालय में स्किल इंडिया के तहत राष्ट्रीय कौशल प्रतियोगिता का शुभारंभ किया गया। प्रतियोगिता में देशभर से आए लगभग 650 प्रतिभागियों ने 63 विभिन्न कौशलों में प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
कौशल विकास एवं उद्यमिता मंत्रालय की सचिव देबाश्री मुखर्जी ने कहा कि स्किलिंग एक सतत प्रक्रिया है, जो निरंतर अभ्यास, समर्पण और आत्मविकास के माध्यम से विकसित होती है। उन्होंने कहा कि यहां तक पहुंचना ही एक बड़ी उपलब्धि है और सभी प्रतिभागी अपने आप में “स्किल आइकॉन” हैं।
वरिष्ठ सलाहकार मनीषा शर्मा ने बताया कि भारत वर्तमान में वर्ल्ड स्किल्स रैंकिंग में 13वें स्थान तथा एशिया में 8वें स्थान पर है। उन्होंने कहा कि स्किलिंग, री-स्किलिंग एवं अप-स्किलिंग के माध्यम से ही युवाओं को भविष्य के लिए तैयार किया जा सकता है। नेशनल स्किल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अरुण कुमार पिल्लई ने कौशल विकास को देश की प्रगति का आधार बताते हुए युवाओं को उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए प्रेरित किया। इस अवसर पर ज्ञानेंद्र देव त्रिपाठी, प्रशांत सिन्हा आदि मौजूद रहे।