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पुराने वाहन स्क्रैप नीति में भ्रष्टाचार, सीबीआई जांच हो : कांग्रेस

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केंद्रीय सतर्कता आयोग को प्रमाण सहित शिकायत पत्र भेजा
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अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष देवेंद्र यादव ने पुराने वाहनों को स्क्रैप करने की नीति में घोटाले का आरोप लगाया है। उन्होंने इस मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। बुधवार को उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश की आड़ में एनफोर्समेंट एजेंसियों, दिल्ली परिवहन विभाग, एमसीडी, ट्रैफिक पुलिस व निजी स्क्रैप कंपनियों (आरवीएसएफएस) की मिलीभगत से 100 करोड़ रुपये से अधिक का भ्रष्टाचार हुआ है। इसके खिलाफ उन्होंने केंद्रीय सतर्कता आयोग को प्रमाण सहित शिकायत पत्र भेजा है।
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यादव ने बताया कि जब्त किए गए वाहनों के फर्जी सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट स्क्रैप कंपनियों की ओर से जारी किए जा रहे हैं जबकि यह प्रमाणपत्र केंद्रीय परिवहन विभाग की ओर से जारी होना चाहिए। इससे जबरन उठाए गए वाहनों का गैरकानूनी फायदा उठाया जा रहा है। ट्रैफिक पुलिस ने पिट्स में जमा गाड़ियों को बिना टेंडर और ऑक्शन के कौड़ियों के दाम पर स्क्रैप कंपनियों को बेच दिया जिससे सरकारी खजाने को करोड़ों का नुकसान हुआ। करीब 10,919 ई-रिक्शा को स्क्रैप नीति के दायरे में लाना गैरकानूनी है। ट्रांसपोर्ट विभाग ने इन्हें जब्त कर कंपनियों को दे दिया जबकि पेनाल्टी भरकर इन्हें मालिकों को लौटाया जा सकता था। स्क्रैप कंपनियों ने एमसीडी और दिल्ली पुलिस के नकली आईकार्ड बनवाकर वाहन मालिकों को डराया व गाड़ियां छीन लीं। कई मामलों में बिना नंबर वाले नकली चालान बनाकर गाड़ियां जब्त की गईं।
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