ग्रेटर नोएडा। कोरोना संक्रमण से विश्व भर में खौफ है, लेकिन त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में जिले के मतदाताओं पर इसका डर नहीं दिखा। सोमवार को मतदाताओं ने घर से निकलकर जमकर मतदान किया। जिले के तीनों ब्लॉक में 75.32 प्रतिशत मतदान हुआ जो पिछली बार के 74 प्रतिशत से अधिक रहा। मतदान के बाद मतपेटियों को स्ट्रांग रूम में रखवा दिया गया है। 2 मई को 1026 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला होगा।
जिले 88 ग्राम पंचायतों में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव का मतदान सोमवार को शांतिपूर्ण संपन्न हुआ। सुबह सात बजे से कुल 132 मतदान केंद्रों और 377 बूथों पर मतदान शुरू हुआ। सभी जगह दिन भर मतदाताओं की लाइन लगी रही। बुजुर्ग मतदाताओं में भी जोश दिखा। सुबह पहले दो घंटे के अंदर 13.05 प्रतिशत मतदान हुआ जो अगले दो घंटे में 32.01 प्रतिशत पहुंच गया। दोपहर एक बजे तक 45.74 प्रतिशत मतदाता अपने मत का प्रयोग कर चुके थे। वहीं, शाम होते-होते मतदाताओं का जोश कम होता चला गया। शाम पांच बजे तक 70.20 प्रतिशत मतदान हुआ जो आखिरी घंटे में बढ़कर 75.32 पहुंच गया। जिले के तीनों ब्लॉक में सबसे अधिक मतदान बिसरख ब्लॉक में रहा। वहीं, प्रशासन के कंट्रोल रूम पर दिनभर शिकायत आती रही। जिनका सेक्टर मजिस्ट्रेट निस्तारण करते रहे। कई जगह बूथ कैप्चरिंग की शिकायत मिली जहां टीम भेजकर जांच की गई तो आरोप गलत मिले।
दस बूथों पर दो घंटे देरी तक चला मतदान
यूपी निर्वाचन आयोग ने इस बार मतदान का समय एक घंटा अधिक दिया था। उसके बाद भी दादरी, बिसरख और जेवर ब्लॉक के करीब दस बूथों पर दो घंटे देरी तक मतदान चला। सुबह सात से शाम छह बजे तक मतदान होना था, लेकिन दस बूथों पर रात आठ बजे तक मतदान चला। अधिकारियों का कहना है कि छह बजे तक जो मतदाता बूथ पर पहुंचे। उन सभी का मतदान कराया गया। जिस कारण देरी तक मतदान चला।
सुबह से शाम तक मतदान प्रतिशत
ब्लॉक 9 बजे 11 बजे 01 बजे 03 बजे 5 बजे समाप्त
दादरी 13.02 29.48 41.75 59.10 69.61 72.47
बिसरख 13.05 31.66 48.37 61.89 71.67 76.46
जेवर 13.08 34.90 47.11 59.45 69.33 77.04
कुल 13.05 32.01 45.74 60.14 75.32
मतदान के साथ ही हार-जीत का गणित शुरू
ग्रेटर नोएडा। मतदान होने के बाद जिला पंचायत सदस्य से लेकर ग्राम पंचायत सदस्य तक के प्रत्याशी और उनके समर्थक हार जीत का गणित लगाने में जुट गए। मतदान समाप्त होने के बाद सभी प्रत्याशी अपने घर पहुंचे। वहां पर उनके समर्थक भी जमा हो गए। समर्थक एक-एक वोट का हिसाब लगाकर हार जीत तय कर रहे थे। हालांकि, कोरोना के कारण ज्यादा भीड़ नहीं रही।
नंबर वन रहा इस बार कोरोना का बहाना
ग्रेटर नोएडा। पंचायत चुनाव में दो हजार से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों को तैनात किया गया था। नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद ड्यूटी लगा दी गई थी, लेकिन तभी से ही कर्मचारी व अधिकारियों ने छुट्टी मांगनी शुरू कर दी थी। पहले मतदान में कर्मचारी और अधिकारी घर में शादी, बीमारी और अन्य तरह-तरह के बहाना बनाते थे, लेकिन इस बार ज्यादातर का बहाना कोरोना संक्रमण था। इसमें भी वे लोग ज्यादा थे, जिन्होंने अपने आप को संक्रमित के संपर्क में आने का दावा किया। ब्यूरो
कोरोना से प्रभावित हुआ चुनाव
कोरोना के कारण इस बार चुनाव की तैयारियों पर भी असर पड़ा। मुख्य जिम्मेदारी निभा रहे कई अधिकारी या उनके परिवार के सदस्य आखिरी समय पर संक्रमित हो गए। जिस कारण उनको हटना पड़ा। उनकी जगह अन्य अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई। चुनाव से हटने वालों में सिटी मजिस्ट्रेट नोएडा, डिप्टी कलेक्टर राजीव राय, जिला पंचायत निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ सहायक आदि शामिल हैं।
पोलिंग पार्टी के एक कर्मचारी की बिगड़ी तबीयत
मतदान के दौरान बढ़पुरा गांव में पोलिंग पार्टी के एक कर्मचारी की अचानक तबीयत बिगड़ गई। कोरोना के लक्षण होने के कारण उनको तत्काल हटा दिया गया और एंबुलेंस से अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी जगह प्रतीक्षा में रखे गए दो कर्मियों को तैनात किया गया। दादरी एसडीएम अंकित कुमार ने बताया कि केवल एक मतदान केन्द्र पर ही जरूरत पड़ी।