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Noida News: छह लाख के चेक बाउंस मामले में दोषसिद्धि बरकरार

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(अदालत से)
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तीन लाख रुपये प्रतिकर देने का आदेश, सुरक्षा चेक की दलील खारिज
माई सिटी रिपोर्टर
ग्रेटर नोएडा। छह लाख रुपये के चेक बाउंस मामले में सत्र अदालत ने ट्रायल कोर्ट में सुनाई गई दोषसिद्धि को बरकरार रखते हुए सजा और जुर्माने में संशोधन किया है। अदालत ने आरोपी प्रदीप मलिक उर्फ प्रदीप कुमार की अपील को आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए कहा कि आरोपी धारा 138 परक्राम्य लिखत अधिनियम (एनआई एक्ट) के तहत दोषी है, लेकिन ट्रायल कोर्ट द्वारा लगाया गया 11.25 लाख रुपये का जुर्माना परिस्थितियों के अनुरूप नहीं था। अदालत ने इसे घटाकर 3.50 लाख रुपये कर दिया और उसमें से तीन लाख रुपये शिकायतकर्ता को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश दिया। साथ ही छह माह के साधारण कारावास की सजा बरकरार रखी है।
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मामला सूरजपुर क्षेत्र के निवासी जयबीर सिंह और प्रदीप मलिक के बीच वित्तीय लेन-देन से जुड़ा है। शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपी ने व्यावसायिक जरूरतों के लिए उससे छह लाख रुपये उधार लिए थे और रकम लौटाने के लिए 28 फरवरी 2018 का एक चेक दिया था। बैंक में प्रस्तुत करने पर 4 अप्रैल 2018 को चेक अपर्याप्त धनराशि के कारण अनादृत हो गया। इसके बाद विधिक नोटिस भेजा गया, लेकिन भुगतान नहीं होने पर जून 2018 में एनआई एक्ट की धारा 138 के तहत परिवाद दायर किया गया। ट्रायल कोर्ट ने जून 2025 में आरोपी को दोषी ठहराते हुए छह माह की सजा तथा 11.25 लाख रुपये के जुर्माने से दंडित किया था, जिसमें 11 लाख रुपये शिकायतकर्ता को प्रतिकर के रूप में देने का आदेश था।
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