नई दिल्ली। दिल्ली हाई कोर्ट ने पूर्व प्रिंसिपल कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स (पीसीआईटी) अनुराधा मिश्रा के खिलाफ स्वत: संज्ञान लेकर शुरू की गई अवमानना कार्यवाही को खारिज कर दिया। इस मामले में 2019 में उनके द्वारा पारित एक आदेश को लेकर विवाद था।
तत्कालीन पीसीआईटी (सेंट्रल-3), नई दिल्ली अनुराधा मिश्रा ने एक करदाता की स्टे अर्जी को खारिज करते हुए 20% कर जमा करने का आदेश दिया था। यह निर्णय केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) के परिपत्रों के आधार पर लिया गया था। करदाता ने इस आदेश को चुनौती दी, जिसके बाद हाई कोर्ट ने 29 मार्च 2019 को फैसला सुनाया कि पीसीआईटी को ठोस कारण बताए बिना 20% जमा करने की शर्त नहीं लगाई जानी चाहिए। कोर्ट ने नई सुनवाई के लिए मामले को वापस भेजते हुए दो सप्ताह के भीतर तर्कसंगत आदेश पारित करने का निर्देश दिया। हालांकि, पीसीआईटी ने 5 अप्रैल 2019 को फिर से वही आदेश जारी किया। इस पर कोर्ट ने प्रथम दृष्टया अवमानना का मामला मानते हुए स्वत: संज्ञान लिया। ब्यूरो