जिला उपभोक्ता आयोग
- चालक की लापरवाही बताकर बीमा कंपनी ने क्षतिपूर्ति देने से कर दिया था इन्कार
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। वाहन मालिक की लापरवाही बताकर बीमा कंपनी चोरी हुए वाहन का क्लेम देने से इंकार नहीं कर सकती है। ऐसे ही एक मामले में जिला उपभोक्ता आयोग ने ई-रिक्शा चोरी होने पर बीमा कंपनी को क्लेम राशि का भुगतान करने का आदेश दिया है। बीमा कंपनी ने लापरवाही का हवाला देकर क्लेम निरस्त कर दिया था।
नोएडा के सेक्टर-8 स्थित जेजे कॉलोनी निवासी चांद ने अपने ई-रिक्शा का बीमा न्यू इंडिया इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से कराया था। इसके लिए उसने 73 हजार रुपये का प्रीमियम जमा किया था। 4 मार्च 2019 को सेक्टर-8 के ई-ब्लॉक से अज्ञात चोर उसका ई-रिक्शा चोरी कर ले गए। उसने इस संबंध में थाना सेक्टर-20 में रिपोर्ट दर्ज कराई। काफी तलाश के बाद भी वाहन बरामद नहीं हुआ तो पुलिस ने अंतिम रिपोर्ट (एफआर) न्यायालय में दाखिल कर दी, जिसे अदालत ने स्वीकार कर लिया।
इसके बाद पीड़ित ने बीमा कंपनी से क्लेम के भुगतान के लिए आवेदन किया, लेकिन कंपनी ने भुगतान करने से इंकार कर दिया। तब उसने जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। सुनवाई के दौरान बीमा कंपनी ने अपना पक्ष रखते हुए कहा कि क्लेम बीमा शर्तों के अनुसार निरस्त किया गया था, क्योंकि वाहन मालिक ई-रिक्शा में चाबी लगी छोड़ कर गया था, जो उसकी गंभीर लापरवाही दर्शाता है। आयोग ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कहा कि इस दावे के समर्थन में कंपनी कोई ठोस साक्ष्य पेश नहीं कर सकी। आयोग ने माना कि बिना पर्याप्त साक्ष्य के क्लेम निरस्त करना सेवा में कमी है। आयोग ने बीमा कंपनी को आदेश दिया कि वह शिकायतकर्ता को 1.75 लाख रुपये, उस पर 6 प्रतिशत वार्षिक ब्याज सहित, 30 दिन के भीतर भुगतान करे।