प्लाट देने का वायदा पूरा न करने पर जमा पैसा लौटाए कंपनी
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। प्लाट देने का वादा करके कंट्री वेकेशन लिमिटेड ने सदस्यता के नाम पर 1.80 लाख रुपये लिए। वायदे के मुताबिक प्लाट पर कब्जा नहीं दिया। उपभोक्ता आयोग ने उसकी सेवा में कमी करार देकर 6 फीसदी ब्याज सहित पूरा पैसा 30 दिन में लौटाने का आदेश दिया है। आयोग के अध्यक्ष अनिल कुमार पुंडीर और सदस्य अंजु शर्मा ने सुनवाई की।
नोएडा एक्सटेंशन निवासी संजीव कुमार और पत्नी निशा से 24 फरवरी 2012 को कंट्री वेकेशन लिमिटेड के प्रतिनिधि ने संपर्क किया। उनको अपने प्रोजेक्ट वैदिक स्पा, बेंगलूरु में 1089 वर्ग फीट का एक प्लॉट देने का वायदा करके कंट्री वेकेशन की सदस्यता दिलवाई। उनको आश्वासन दिया कि रुपये का पूरा भुगतान के बाद भूखंड आवंटित किया जाएगा। उनके द्वारा 1.80 लाख रुपये प्लॉट की कीमत और सदस्यता शुल्क के रूप में भुगतान कर दिया गया। परियोजना में एक प्लाट और सदस्यता शुल्क इस भरोसे पर दिया कि उनको बुकिंग के 18 माह के भीतर प्लाट मिलेगा। 20 मार्च 2012 को उनसे 15 हजार रुपये की मांग की। 24 जनवरी को उनको सदस्यता-पत्र जारी किया। जिसमें जल्द ही प्लाट देने का आश्वासन दिया। बाद में उनको पता चला कि कोई प्लाट नहीं है। उनको प्लाट नहीं मिलेगा। पैसा न मिलने पर जिला उपभोक्ता आयोग में वाद दायर किया। आयोग ने सुनवाई के दौरान माना कि प्लाट की कीमत और सदस्यता शुल्क के रूप में 1.80 लाख रुपये लिए थे। आयोग ने शिकायत की तारीख से भुगतान की तारीख तक 6 फीसदी ब्याज समेत 1.80 लाख रुपये लौटाने का आदेश दिया है।