ग्रेटर नोएडा (जेपी शर्मा)। देश में बिना वीजा के चीन के नागरिकों के रहने और अवैध गतिविधियों में लिप्त पाए जाने के बाद आए दिन नए खुलासे हो रहे हैं। इस पूरे प्रकरण से आरोपियों के चीन से जुड़े लिंक पुलिस और जांच एजेंसियां खंगाल रही हैं। अब पुलिस को पता चला है कि प्रकरण के सूत्रधार माने जा रहे गुजरात निवासी रवि ठक्कर उर्फ नटवरलाल ने चीन में रहकर बैचलर ऑफ मेडिसिन एंड बैचलर ऑफ सर्जरी (एमबीबीएस) की थी। उसने चीन की भाषा भी वहीं सीखी थी। एमबीबीएस की पढ़ाई के दौरान रवि का कई संदिग्ध चीन के नागरिकों से संपर्क हुआ था। इससे आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ने उस दौरान ही भारत की सुरक्षा से खिलवाड़ की साजिश रची थी।
वहीं, जांच में जुटी पुलिस टीमों ने जानकारी दी है कि जिस दौरान घरबरा स्थित रिवेरिया गेस्ट हाउस पर दबिश दी गई। उस दौरान वहां बड़ी संख्या में पूर्वोत्तर की लड़कियां और अन्य लोग मौजूद थे, लेकिन आरोपी दबिश की भनक लगते ही भाग निकले। केवल चार-पांच लड़कियां पुलिस को मिलीं, जिनसे पुलिस ने पूछताछ की। मौके से पुलिस को कई डायरियां और रजिस्टर मिले थे। इसमें वहां आने वाले लोगों और लड़कियों की एंट्री की गई थी। एक डायरी से पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिससे पता चला कि यहां आने वाली लड़कियों को चीन के नागरिकों से बातचीत आदि के लिए पहले प्रशिक्षित किया जाता था। अधिकांश लड़कियां पूूर्वोत्तर की थीं जिन्हें प्रतिदिन 30 हजार रुपये तक का भुगतान किया जाता था। इन लड़कियों पर कोई केस अभी तक दर्ज नहीं किया गया है, लेकिन ये जांच एजेंसियों के रडार पर हैं।
जांच में पता चला है कि आरोपियों ने एक नेता के बेटे से घरबरा गांव स्थित रेवेरिया वैली होटल (गेस्ट हाउस) पांच साल के अनुबंध पर किराये पर लिया था। इसका किराया एक लाख रुपये प्रतिमाह बताया गया है। अनुबंध के दौरान ये बताया गया था कि ईकोटेक-1 थाना क्षेत्र में संचालित की जा रही चीन की दो मोबाइल कंपनियों के अधिकारी यहां पार्टी आदि के लिए आएंगे।
कैब से रोजाना दिन ढलते ही आती थीं लड़कियां
मंगलवार को गेस्ट हाउस का गेट बंद था। यहां प्रवेश और निकास के दो दरवाजे हैं। दोनों दरवाजों पर अंदर से ताले लगे थे। आवाज दी गई तो एक बुजुर्ग वहां आए। उन्होंने कहा कि गेस्ट हाउस के भीतर पुलिस तैनात है। उन्होंने गेट खोलने से मना किया। बुजुर्ग ने बताया कि वह यहां माली हैं और हाल ही में आए हैं, इसलिए उन्हें अधिक जानकारी नहीं है। उन्होंने केवल इतना बताया कि लड़कियां कैब से दिन ढलने के बाद वहां आती थीं। अंदर क्या होता था, इसकी उन्हें जानकारी नहीं थी।
इनके इर्दगिर्द घूम रही एजेंसियों की जांच
1. हवाला : पुलिस अब तक यह स्पष्ट नहीं कर पाई है कि बिना वीजा के अवैध गतिविधियों में लिप्त होने के पीछे चीन के नागरिक, फरार आरोपी रवि व अन्य आरोपियों का आखिर मकसद क्या था। आरोपियों ने फर्जी कंपनियां क्यों बनाईं और खातों में मोटी रकम का लेनदेन क्यों हुआ। पूूरी आशंका है कि आरोपी हवाला के जरिये अवैध धन का हस्तांतरण करते थे। आरोपियों के खाते मेें बिटकॉइन के जरिये भी रुपये भेजे जाते थे।
2. आयात शुल्क फर्जीवाड़ा : आयात शुल्क का फर्जीवाड़ा करना भी आरोपियों का मकसद हो सकता है। पूरी आशंका है कि आरोपी चीन से उपकरण लाकर आयात शुल्क चोरी कर भारत में बिक्री का बड़ा अवैध कारोबार कर रहे हों, क्योंकि चीन से आयात किए जाने वाले सामान पर मोटा शुल्क देना पड़ता है। ये शुल्क बचाने और भारत के नागरिकों से जुड़कर इन्हें बेचने के लिए आरोपियों ने सारी रूपरेखा योजनाबद्ध ढंग से तैयार की हो।
3. हनीट्रैप और जासूसी : पुलिस को इस बात की भी आशंका है कि आरोपी चीन के जासूस हो सकते हैं और भारत में बचने व यहां के नागरिकों से पहचान बनाने के लिए ये पूरा प्लान संचालित कर रहे हों। इसके लिए आरोपियों का मकसद पूूर्वोत्तर की युवतियों को पहले घरबरा के गेस्ट हाउस में बुलाकर उनसे संपर्क बढ़ाना और फिर दोस्ती या शादी कर भारत की नागरिकता हासिल कर जासूसी करना हो सकता है, जो काफी घातक है।
ये है पूरा मामला
बिहार के सीतामढ़ी जिले से लगने वाली इंडो-नेपाल बॉर्डर से सीमा सुरक्षा बल ने 11 जून को चीन के दो नागरिकों को जासूसी के शक में गिरफ्तार किया गया था। आरोपियों की पहचान लु लैंग और यूं हेलंग के रूप में हुई थी। इनसे पूछताछ में पता चला था कि दोनों आरोपी ग्रेटर नोएडा के बीटा-2 थाना क्षेत्र की पॉश सोसाइटी जेपी ग्रींस के फ्लैट में बिना वीजा के रह रहे चीन के नागरिक सू फाई उर्फ काएला के पास रुके थे। इसके बाद पुलिस अलर्ट हुई। सू फाई और उसकी महिला मित्र पेटेखे रेनुओ को पुलिस ने गुरुग्राम के होटल से गिरफ्तार किया। रिमांड पर पूछताछ में घरबरा के गेस्ट हाउस में चीन के नागरिकों के मौज-मस्ती के लिए आने और यहां पर 30 से अधिक पूर्वोत्तर व अन्य जगह की लड़कियों के अक्सर आने की जानकारी मिली। वहीं, पूरे मामले के मास्टरमाइंड के रूप में रवि ठक्कर उर्फ नटवर लाल का नाम सामने आया, जो अब तक फरार है।