-गांव खरखड़ी के राजस्व क्षेत्र में स्थित है प्याऊ, तहसीलदार ने पुलिस को दी शिकायत
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। नगर की तहसील में एक बड़ी धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां गांव खरखड़ी के राजस्व क्षेत्र में स्थित प्याऊ व पेयजल सुविधा या सार्वजनिक पानी की व्यवस्था के लिए नियत चार कनाल भूमि की गलत तरीके से रजिस्ट्री कर दी गई। मामला संज्ञान में आने पर तहसीलदार रीता ग्रोवर ने शहर थाना पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।
तहसील प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, 23 फरवरी को अधिवक्ता मुकेश मक्कड़ के माध्यम से तहसील तावडू में रजिस्ट्री पंजीकृत की गई थी। इसमें विक्रेता अनिल कुमार और सुनील कुमार पुत्र रामरतन पुत्र तिरखा, निवासी तावडू तथा क्रेता पवन कुमार पुत्र निहाल चंद पुत्र गोपीचंद, निवासी तावडू शामिल थे। वसीयत लेखक भी मुकेश मक्कड़ ही थे। सभी ने जानबूझकर रिकॉर्ड के खिलाफ कार्य करते हुए यह पंजीकरण कराया। भूमि का रकबा करीब चार कनाल बताया गया है, जिसके लिए डीटीपी से एनओसी भी जारी की गई। तहसीलदार रीता ग्रोवर ने बताया कि एनओसी के आधार पर शुरू में रजिस्ट्री को वैध मान लिया गया था।
लेकिन म्यूटेशन के लिए दस्तावेज पेश होने पर पुराने रिकॉर्ड की जांच में प्याऊ की भूमि होने का पता चला। सिस्टम में मलिक का नाम सामने आने से अपलोड हो गया था। इसके कारण पंजीकरण के समय यह मामला पकड़ में नहीं आया लेकिन यह स्पष्ट धोखाधड़ी का मामला है। इसमें खरीदार, विक्रेता, वसीयत लेखक और अन्य शामिल हैं। मामले का संज्ञान लेते हुए तुरंत शहर थाना पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। इसमें सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत के साथ जमाबंदी नकल, डीटीपी एनओसी, दोनों पक्षों की आईडी और पंजीकृत वसीयत की कॉपी संलग्न की गई है।
इसके अलावा शिकायत कॉपी संबंधित जिला अधिकारियों को भी भेजी गई हैं। वहीं ग्राम पंचायत खरखड़ी के सरपंच अशफाक ने भी इस धोखाधड़ी की कड़ी निंदा की है और अलग से शिकायत दर्ज कराने की बात कही है। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक भूमि को इस तरह हड़पने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जानकारों का कहना है कि प्याऊ या सार्वजनिक जल स्रोत की भूमि पर निजी स्वामित्व नहीं बनाया जा सकता। तावडू शहर थाना पुलिस ने शिकायत मिलने की पुष्टि करते हुए जांच शुरू कर दी है।