माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। कांग्रेस ने प्रदेश और देश की तीन बड़ी घटनाओं के विरोध में शनिवार को जिला सचिवालय पर प्रदर्शन किया। इनमें प्रदेश के वरिष्ठ आईपीएस वाई पूरन कुमार की आत्महत्या, उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि की हत्या और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पर जूता फेंकने के प्रयास की कड़ी निंदा की। इसे कांग्रेसियों ने प्रदेश व केंद्र सरकार की अनदेखी बताया। एसडीएम पानीपत मनदीप कुमार के मार्फत राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता सचिन कुंडू और ग्रामीण जिला प्रधान रमेश मलिक के नेतृत्व में कांग्रेसी शनिवार सुबह जिला सचिवालय के सामने एकत्रित हुए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। सचिन कुंडू ने कहा कि वरिष्ठ आईपीएस वाई पूरन कुमार ने अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के परिवार को आज तक न्याय नहीं मिल पाया है। परिवार के सदस्य सरकार से पुलिस कार्रवाई के इंतजार में है।
एक आईपीएस अधिकारी के शव का चार दिन बाद भी पोस्टमार्टम नहीं हो पाया है। परिवार के सदस्य सरकार से आरोपी अधिकारियों को गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार आरोपियों पर कार्रवाई के बजाय केवल आश्वासन दे रही है। जब एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी की आत्महत्या के मामले में परिवार को न्याय नहीं मिल पा रहा है तो आमजन न्याय की उम्मीद कैसे कर सकता।
ग्रामीण जिला प्रधान रमेश मलिक ने कहा कि प्रदेश में कानून और न्याय की उम्मीद नहीं है। हर रोज लूट, हत्या और चोरी की वारदात लगातार बढ़ रही हैं। आमजन का घर से निकल पाना मुश्किल हो गया है। उत्तर प्रदेश के रायबरेली में हरिओम वाल्मीकि की हत्या और सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश पर गत दिनों जूता फेंकने का प्रयास किया गया है। ये तीन प्रमुख घटनाएं देश के लोकतंत्र और न्याय व्यवस्था पर हमला है। कांग्रेस ने इन मामलों की निष्पक्षता से जांच करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। मौके पर इसराना के पूर्व विधायक बलबीर बाल्मीकि,कांग्रेस नेता खुशीराम जागलान, दीपक खटकड़, पूर्व विधायक राजरानी पूनम, डाॅ.ओमवीर पंवार, कंवर सिंह छौक्कर, एडवोकेट नरेंद्र भिवान, आजाद सिंह मलिक, सुभाष बठला, अरविंद ढांडा, प्रियांश मलिक, जयविंद्र हुड्डा, मनोज वाल्मीकि, सतपाल वाल्मीकि, बलवान वाल्मीकि, मोहकम सिंह छौक्कर मौजूद रहे।