नूंह में प्रदर्शन करते कांग्रेस कार्यकर्ता।
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तावडू/नूंह। तावडू नगर में गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कृषि कानूनों के विरोध में प्रदर्शन किया। राष्ट्रपिता के जन्मदिवस को कार्यकर्ताओं ने किसान मजदूर बचाओ दिवस के रूप में मनाया। प्रदर्शन के बाद कार्यकर्ताओं ने तावड़ू एसडीएम के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा।
प्रदेश कांग्रेस प्रवक्ता खालिद हुसैन चाहल्का ने कहा कि भाजपा सरकार किसान विरोधी है। सरकार उद्योगपतियों के हितों को ध्यान में रखकर किसानों और आढ़तियों के अधिकारों का हनन कर रही है। सोहना तावडू विधानसभा क्षेत्र से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी डॉ. शमसुद्दीन ने राष्ट्रपति से इस बिल में सुधार की मांग की। उन्होंने बताया भारत की अर्थव्यवस्था कृषि पर आधारित है। किसान विरोधी कानून से अर्थव्यवस्था चौपट हो जाएगी। सरकार पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कानून बनाने से पहले किसानों की राय नहीं ली गई। इनमें कहीं पर भी न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी की बात नहीं है और ना ही किसानों के हितों की सुरक्षा की बात कही गई है।
प्रदर्शन के दौरान वरिष्ठ कांग्रेसी नेता और पूर्व विधायक हाजी शाहिदा खान, सत्य पहलवान, युवा नेता अजरुदीन नवीन शब्बीर बुराका ने हाथरस की बिटिया को न्याय दिलाने की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही राहुल गांधी के साथ हुए दुर्व्यवहार की निंदा की।
वहीं नूंह में भी विधायक आफताब अहमद ने प्रदर्शन का नेतृत्व किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने बिलों की कॉपी जलाकर विरोध जताया। साथ ही पीसीसी सदस्य महताब अहमद और अन्य कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गांधी पार्क में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को खिराजे अकीदत पेश की।