रोडवेज को हो रहा लाखों रुपये का नुकसान
संवाद न्यूज एजेंसी
ग्रेटर नोएडा। परी चौक और यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर हमेशा डग्गामार वाहनों का जमावड़ा रहता है। सड़क पर से ही सवारियां उठाई जाती हैं। इस दाैरान रोडवेज चालकों से उनकी नोकझोंक भी होती है।
ग्रेनो डिपो से 106 बसें 18 रूट पर चलाई जाती हैं। एक बस 12 घंटे से केवल दो से तीन फेरे लगा पाती है। रोडवेज की बसें एक से डेढ़ घंटे के अंतराल पर आती हैं। इस दौरान सवारियां लेने के लिए परी चौक व जीरो प्वाइंट पर निजी बसों का जमावड़ा रहता है। हर पांच मिनट पर बस मिलती हैं। इनका किराया भी रोडवेज की बसों से कम होता है। जीरो प्वाइंट पर बस के साथ कार व अन्य वाहन भी सवारियां उठाते हैं, जिससे रोडवेज को क्षति हो रही है।
रोडवेज और निजी बस का किराया
स्थान रोडवेज निजी बस
आगरा 300 200
अलीगढ़ 200 150
सिटी सेंटर 9 20-30
कोट
रोडवेज की बस स्टैंड से एक किलोमीटर तक निजी बस चालकों को सवारियां नहीं लेने का प्रावधान है, लेकिन डग्गमार बसें व अन्य वाहन परी चौक पर सवारियां लेते हैं। इसे रोकने के लिए कई बार उच्चाधिकारियों को सूचना दी है।
- समीना अंजुम, एआरएम, ग्रेटर नोएडा डिपो