दिवाली पर पटाखे फोड़ने को लेकर असमंजस
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। दिवाली से पहले पटाखे जलाने के बारे में एक बार फिर चर्चा शुरू हो गई है। पटाखे जलाने को लेकर शहरवासियों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। उन्हें यह पता नहीं है कि पटाखे जलाने की अनुमति है या नहीं। बाजार में पटाखे मिलेंगे या नहीं।
दुकानदारों को भी यह जानकारी नहीं है कि वह पटाखे बेच सकते हैं या नहीं। वहीं पुलिस व प्रशासन के अधिकारी सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का हवाला दे रहे हैं। अभी इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से फैसला आना है। पिछले साल की तरह इस बार भी पटाखे फोड़ने के सवाल का स्पष्ट जवाब नहीं मिल रहा है। शुक्रवार को पटाखे जलाने को लेकर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई है, कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया है। इस कारण जिले के अधिकारियों की ओर से भी कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल पा रहा है। बतादें कि दिवाली पर पटाखे फोड़ने को लेकर सबसे अधिक इंतजार बच्चों को होता है। पहले शहर में पटाखे की दुकानें लगा करती थीं जिनकी अनुमति जिला प्रशासन से मिलती थी लेकिन जैसे-जैसे प्रदूषण बढ़ता गया और कोर्ट के आदेश आते गए वैसे ही पटाखों पर बैन लगना शुरू हो गया। अब स्थिति यह है कि ग्रीन पटाखे जलाने के बारे में भी स्पष्टता नहीं है। ग्रीन पटाखे जलाने के बारे में भी असमंजस की स्थिति बनी हुई है। जिला मजिस्ट्रेट विवेक कुमार सिंह भदौरिया का कहना है कि इस संबंध में अभी कोई जानकारी नहीं है। नोएडा के डीसीपी यमुना प्रसाद का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइंस का अनुपालन किया जाएगा।
एक भी पटाखे की दुकान को लाइसेंस नहीं
मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार चौबे का कहना है कि पिछले कुछ सालों में विभाग की तरफ से पटाखे बेचने की कोई एनओसी नहीं दी गई है। किसी तरह के पटाखे बेचने की अनुमति नहीं है। ग्रीन पटाखे की दुकान को भी एनओसी नहीं दी गई है। जनपद में एक भी पटाखे की लाइसेंसी दुकान नहीं है। किसी भी तरह के पटाखे बनाने से लेकर बेचने की अनुमति नहीं है।
कोट
पटाखों के बारे में प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड कोई निर्णय नहीं लेता है। यह निर्णय गृह विभाग का होता है। यदि पटाखे बैन रहेंगे तो बिक्री भी नहीं होगी। प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की ओर से हर साल दिवाली से 8 दिन पहले और दिवाली के 8 दिन बाद प्रदूषण की मॉनिटरिंग की जाती है। इस बार की मॉनिटरिंग 13 से 28 अक्तूबर तक चलेगी। -रितेश तिवारी, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड नोएडा
शहरवासियों से बातचीत
बच्चे पटाखे जलाने की जिद करते हैं लेकिन पटाखे जलाए जाएंगे या नहीं इस बारे में अभी हमें कुछ पता नहीं है। प्रशासन के निर्णय का इंतजार कर रहे हैं। -डॉ. अजीत कुमार सिंह, एओए सचिव, आम्रपाली प्लेटिनम सेक्टर-119
पटाखों से दूर रहना ही सही है क्योंकि प्रदूषण को बढ़ावा मिलता है और आसपास के लोगों को स्वास्थ्य संबंधी समस्या हो सकती है। हमें तो पटाखों की दुकान भी नहीं पता है कि पटाखे कहां मिलेंगे। -वरुण गुप्ता, गोल्फ सिटी, प्लॉट 11, सेक्टर-75