-नौ गांवों के ग्रामीणों का प्रतिनिधिमंडल एसीईओ से मिला, अस्तौली डंपिंग ग्राउंड हटाने की मांग
संवाद न्यूज एजेंसी
बिलासपुर। अस्तौली गांव में बने कूड़ा निस्तारण केंद्र के प्रदूषण का नौ गांवों पर क्या असर पड़ेगा इसकी जांच एक कमेटी करेगी। ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ लक्ष्मी सिंह ने कमेटी को जल्द से जल्द रिपोर्ट देने के निर्देश दिए हैं। शुक्रवार को इन नौ गांवों के ग्रामीणों के प्रतिनिधिमंडल ने ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण की एसीईओ से मुलाकात की थी। दो दिन पहले ग्रामीणों ने केंद्र का रास्ता रोककर काम भी बंद करा दिया था।
बिलासपुर क्षेत्र के अस्तौली गांव में बनाए गए कूड़ा निस्तारण केंद्र के विरोध में 12 अप्रैल से विरोध प्रदर्शन जारी है। शुक्रवार को इस मामले को लेकर भारतीय किसान यूनियन टिकैत के पदाधिकारी प्राधिकरण की एसीईओ लक्ष्मी सिंह से मिले थे। इस दौरान ग्रेटर नोएडा प्राधिकरण के ओएसडी और एनटीपीसी के अधिकारी भी मौजूद रहे। किसान नेता पवन खटाना ने अधिकारियों से कूड़ा निस्तारण केंद्र को दूसरी जगह ले जाने की बात कही। उनका कहना था कि इसके कारण गांवों में लोगों को भीषण बदबू और गंदगी का सामना करना पड़ रहा है। हवा भी दूषित हो रही है और लोग परेशान हो रहे हैं। जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें आश्वासन दिया है कि उनकी समस्या का जल्द से जल्द निस्तारण किया जाएगा और राहत दी जाएगी। टीम सारे प्रकरण पर अपनी रिपोर्ट जल्द ही उच्च अधिकारियों को देगी।
गांव हटाओ या कूड़ा निस्तारण केंद्र हटाओ
किसानों ने अधिकारियों से कहा कि जब तक इस मामले का हल नहीं निकाला जाएगा, कूड़ा निस्तारण केंद्र को पूरी तरह से बंद रखा जाएगा। किसानों ने कहा कि या तो कूड़ा निस्तारण केंद्र को यहां से हटाया जाए, या फिर इसकी जद में आने वाले 9 गांवों को यहां से हटाया जाए। जिससे ग्रामीणों को इससे होने वाली परेशानी से बचाया जा सके। उन्होंने कहा या तो नौ गांव हटाओ या डंपिंग ग्राउंड हटाओ। इस दौरान देवी भाटी, राजवीर भाटी, सूरज भाटी, गजेंद्र मास्टर, योगेश भाटी, विनोद प्रधान समेत अन्य किसान नेता मौजूद रहे।