कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ शनिवार को डीएनडी पर सिपाही द्वारा की गई बदसलूकी की जांच कमिश्नरेट पुलिस करेगी। पुलिस ने रविवार को ट्विटर हैंडल पर कहा कि नोएडा पुलिस को इस घटना के लिए खेद है जो बहुत भारी भीड़ में स्थिति को नियंत्रित करने के दौरान घटी। प्रियंका गांधी से भी खेद प्रकट करते हैं।
कमिश्नरेट पुलिस ने इस प्रकरण का संज्ञान लिया है और वरिष्ठ पुलिस महिला अधिकारी द्वारा जांच की जा रही है। जांच के बाद दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी। कहा कि हम महिलाओं के पूर्ण सम्मान के लिए कटिबद्ध हैं।
दरअसल, शनिवार को प्रियंका और राहुल गांधी दुष्कर्म पीड़िता के परिजनों से मिलने डीएनडी के रास्ते हाथरस जा रहे थे। काफिले को रोकने के लिए डीएनडी पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। जैसे ही काफिला डीएनडी पर पहुंचा तो टोल प्लाजा के पास हंगामा मच गया। इस बीच पुलिस ने कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज कर दिया।
राहुल व प्रियंका अपनी कार से नीचे उतरकर कार्यकर्ताओं को बचाने लगे। इसी दौरान हेलमेट पहने एक सिपाही ने प्रियंका गांधी के गिरेबान को पकड़ लिया और खींचने का प्रयास करने लगा। इस घटना के बाद प्रियंका से बदसलूकी की तस्वीर सोशल मीडिया पर वायरल हो गई। लोग कमिश्नरेट पुलिस को लेकर तरह-तरह की बातें कहने लगे और सवाल खड़े करने लगे। इसके बाद पुलिस बैकफुट पर आई और ट्विटर पर जवाब देते हुए बताया कि इस मामले की जांच कराई जा रही है।
अमृता धवन के साथ भी हुआ था दुर्व्यवहार
बृहस्पतिवार को जब राहुल-प्रियंका हाथरस जा रहे थे तब नोएडा कमिश्नरेट पुलिस ने इनका काफिला यमुना एक्सप्रेसवे पर रोक दिया था। इसके बाद बवाल हुआ और पुलिस ने कांग्रेस नेताओं व कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसा दीं। इस दौरान दिल्ली प्रदेश महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष अमृता धवन के पकड़े फट गए थे। अमृता ने पुलिसकर्मियों पर बदसलूकी का आरोप लगाया था। फोटो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इस मामले में डीसीपी महिला सुरक्षा वृंदा शुक्ला ने ट्वीट कर सफाई दी थी कि पुलिस ने इस तरह की कोई बदसलूकी नहीं की। वह स्वयं भी मौके पर मौजूद थीं।
बदसलूकी करने वाले सिपाही की नहीं हुई पहचान
जिस सिपाही ने डीएनडी पर कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी के साथ बदसलूकी की थी। उस सिपाही की अब तक पहचान नहीं हुई है। पुलिस के मुताबिक घटना से संबंधित जो भी वीडियो व फोटो मिले हैं। उसमें वह सिपाही पूरी तरह नहीं दिख रहा है। उसका पीछे का हिस्सा और हेलमेट दिख रहा है।
मामले में पुलिस कमिश्नरेट की तरफ से स्वत: संज्ञान लिया गया है। जांच वरिष्ठ महिला पुलिस अधिकारी से कराई जा रही है। जांच के बाद दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
- लव कुमार, अपर पुलिस आयुक्त, कानून व्यवस्था