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कमिश्नरेट पुलिस की खुली पोल

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कमिश्नरेट पुलिस की खुली पोल, कामकाज से शासन नाराज
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सुशांत समदर्शी
नोएडा। कोविड-19 के संक्रमण से बचने के लिए लगाए गए लॉकडाउन की अग्निपरीक्षा में कमिश्नरेट पुलिस की पोल खुल गई है। पुलिस व्यवस्था में सुधार के लिए शुरू किए गए कमिश्नरी सिस्टम के कामकाज से शासन नाराज है। शासन ने कोविड-19 की समीक्षा की तो लॉकडाउन के दौरान जिले में कानून व्यवस्था को असंतोषजनक बताया।
शासन की तरफ से अपर मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी की तरफ से पत्र जारी किया गया है। इसमें यह कहा गया है कि जिले में लॉकडाउन का पालन कठोरता से नहीं किया गया। टिप्पणी की गई कि यहां कोरोना पीड़ितों की संख्या अधिक है। जमातियों की संख्या भी अधिक मिली। कोरोना संदिग्ध ने आत्महत्या कर ली और पुलिस-प्रशासन देखते रह गए। पुलिस व प्रशासन में समन्वय तक की कमी है। यह हाल तब है कि जब नोएडा देशभर में रेड जोन में है। प्रदेश में यहां कोरोना संक्रमितों की संख्या के मुताबिक जिला गौतमबुद्धनगर तीसरे स्थान पर है। अब शासन ने आदेश दिया है कि लॉकडाउन का सख्ती से पालन किया जाए।
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दरअसल, जनवरी में जब से कमिश्नरी सिस्टम लागू हुआ है तब से ही पुलिस व प्रशासन आमने-सामने हैं। पुलिस के पास अधिक पावर आ गई और 37 राजपत्रित अधिकारियों समेत भारी संख्या में पुलिस की फौज मिल गई। वहीं, जिला प्रशासन के अधिकारों में कटौती हो गई। लॉकडाउन से पहले भी नोएडा में कई ऐसे मामले सामने आए, जिसमें पुलिस व प्रशासन टकराते नजर आए। इस बात की भनक मुख्यमंत्री को भी थी।
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इन पर उठे सवाल
- लॉकडाउन प्रथम के दौरान सीमा सील होने पर भी दिल्ली से नोएडा आकर कैसे जमा हुए मजदूर।
- लॉकडाउन में घरों से बाहर निकलकर गृह राज्य जाने के लिए कैसे सैकड़ों की संख्या में जमा हुए मजदूर। एक्सप्रेसवे से लेकर कई स्थानों पर उमड़ी भीड़।
- सीजफायर कंपनी पर कार्रवाई करने में पुलिस ने बरती लापरवाही, प्रशासन के साथ समन्वय नहीं होने से कार्रवाई में देरी।
- क्वारंटीन सेंटर से कोरोना संदिग्ध ने की आत्महत्या। इसमें भी पुलिस की लापरवाही रही।
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अधिकारियों की फौज फिर भी उठ रहे सवाल
मुख्यमंत्री नोएडा पुलिस को प्रदेश का एक मॉडल बनाना चाहते थे। इसके लिए एक दर्जन से अधिक आईपीएस समेत अधिकारियों व पुलिसकर्मियों की फौज यहां तैनात कर दी गई। संसाधन भी मुहैया कराए गए, लेकिन लॉकडाउन की पहली परीक्षा में ही शासन ने कमिश्नरी पुलिस को कामकाज को असंतोषजनक बता दिया। अब इस मॉडल पुलिस का क्या होगा। इस पर लॉकडाउन के बाद ही पर्दा उठेगा।
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