बलरामपुर। मौसम में सोमवार रात अचानक बदलाव हुआ। बूंदाबांदी के बीच हवा चलने से एकाएक ठंड बढ़ गई। सोमवार रात से मंगलवार सुबह तक रुक-रुक रिमझिम का दौर चला। इस दौरान तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। बूंदाबांदी के बीच खेतों में कटी पड़ी धान की फसल भीग गई। कटाई-मड़ाई का काम पूरी तरह रुक गया है।
सोमवार रात अचानक मौसम बदल गया। देर रात बूंदाबांदी शुरू हो गई। इससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई। अधिकतम तापमान 25.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। बारिश के बीच सिहरन बढ़ने से लोगों ने ऊनी कपड़े निकाल लिए। वहीं न्यूनतम तापमान भी 19.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ। मंगलवार सुबह तक बूंदाबांदी हुई।
खेतों में पानी भरने से धान को नुकसान
रेहरा बाजार, हरैया सतघरवा, ललिया और श्रीदत्तगंज क्षेत्र के किसानों ने बताया कि खेतों में पानी भर जाने से मशीनें बंद हैं और मजदूरों ने भी काम रोक दिया है। रेहरा बाजार के किसान रामसूरत, सालिकराम और सरदारे ने कहाकि धान सूखने से पहले ही कट गया था। अब भीगने से सड़ने लगा है।
हरैया सतघरवा के राम उजागर और भइया राम वर्मा का कहना है कि धान की फसल को नुकसान हुआ है। हालांकि गन्ने को यह पानी राहत देगा। श्रीदत्तगंज के किसान नियाज, कल्लू और रमपत बताते हैं कि लगातार नमी से धान के दाने काले पड़ रहे हैं, वजन भी घटेगा। ललिया क्षेत्र के किसान राजकुमार और पुजारी ने कहा कि धान खेतों में फंसा है। अगर धूप नहीं निकली तो मेहनत पर पानी फिर जाएगा।
जिला कृषि अधिकारी उपेंद्र नाथ खरवार ने बताया कि विभाग स्थिति पर नजर रखे हुए है। अभी नुकसान सीमित है, लेकिन तेज बारिश जारी रही तो फसल को भारी क्षति हो सकती है। किसानों को सलाह दी गई है कि कटे धान को ऊंचे स्थान पर रखकर सुरक्षित करें और दानों में नमी रोकने का प्रयास करें।
400 गांवों में बिजली गुल, अंधेरे में डूबे ग्रामीण
हरैया सतघरवा। लगातार बारिश के कारण क्षेत्र के लगभग 400 गांवों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। सोमवार रात से ही गांव अंधेरे में डूबे हैं। इससे मोबाइल चार्जिंग, पानी की सप्लाई और दैनिक कामकाज पर असर पड़ा है। ग्रामीण अजय कुमार, रमेश कुमार, मनोज कुमार और सद्दाम अली ने बताया कि पूरी रात अंधेरे में गुजरी, अब सुबह से कामकाज ठप है। अवर अभियंता अजीत सिंह ने बताया कि 33 हजार वोल्ट की गौरा लाइन बारिश के कारण खराब हुई है। मरम्मत कराई जा रही है, जल्द आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
बारिश से गिरी धान की फसल।