मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि कुछ दिन पहले इसी क्षेत्र में उत्तर भारत की पहली सेमीकंडक्टर यूनिट का शिलान्यास हुआ था और अब इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण से जुड़ी नई परियोजनाओं की शुरुआत प्रदेश को तकनीकी क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक ले जाएगी। उन्होंने कहा कि आज के दौर में सेमीकंडक्टर और इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग वैश्विक अर्थव्यवस्था की सबसे बड़ी ताकत बन चुके हैं तथा उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र में अपनी मजबूत पहचान बना रहा है।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पहले जिस जेवर क्षेत्र की पहचान अविकास और असुरक्षा से होती थी, आज वही क्षेत्र जंगलराज से मंगलराज की ओर बढ़ चुका है। यहां तेजी से औद्योगिक निवेश हो रहा है, जेवर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर कमर्शियल उड़ानों की शुरुआत हो चुकी है और आसपास का इलाका देश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्र के रूप में विकसित हो रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप उत्तर प्रदेश देश का मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग हब बन चुका है। देश में बनने वाले लगभग 55 प्रतिशत मोबाइल फोन अकेले उत्तर प्रदेश में तैयार हो रहे हैं। अब इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर उद्योग में हो रहा निवेश प्रदेश को वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला का महत्वपूर्ण केंद्र बनाएगा। उन्होंने कहा कि वर्ष 2047 तक विकसित और आत्मनिर्भर भारत के निर्माण में उत्तर प्रदेश की महत्वपूर्ण भूमिका होगी।
उन्होंने दक्षिण कोरिया का उल्लेख करते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश और कोरिया के बीच ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक संबंध रहे हैं। अयोध्या से जुड़ी कोरिया की ऐतिहासिक विरासत दोनों देशों को जोड़ती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरिया आज दुनिया में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग का बड़ा केंद्र है और उत्तर प्रदेश भी उसी दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि विदेशी निवेशकों का प्रदेश पर लगातार बढ़ता विश्वास इसका प्रमाण है।
मुख्यमंत्री ने निवेशकों को भरोसा दिलाते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार उद्योगों को हर संभव सहयोग दे रही है। उन्होंने कहा कि जहां अपनत्व और पारदर्शिता का भाव होता है, वहां कोई भी फाइल लंबित नहीं रहती। सरकार निवेशकों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर रही है, जिससे प्रदेश देश-विदेश के उद्योगपतियों की पहली पसंद बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि औद्योगिक शहरों के विकास के लिए सरकार नई योजनाओं पर तेजी से काम कर रही है और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) सहित कई बड़े औद्योगिक कॉरिडोर विकसित किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि नए उद्योग केवल उत्पादन ही नहीं बढ़ाते, बल्कि युवाओं को रोजगार, कौशल विकास और स्टार्टअप के नए अवसर भी उपलब्ध कराते हैं। उन्होंने निवेशकों का उत्तर प्रदेश को अपनी परियोजनाओं के लिए चुनने पर आभार व्यक्त किया और विश्वास जताया कि यह निवेश प्रदेश की अर्थव्यवस्था को नई गति देगा।