उपराज्यपाल के प्रधान सचिव ने लिखा मुख्य सचिव को पत्र
कहा- प्रथमदृष्टया में वजन कम होने का हो सकता है कारण
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। तिहाड़ जेल में बंद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के वजन घटने के मामले में सियासत तेज हो गई है। शनिवार को उपराज्यपाल वीके सक्सेना के प्रधान सचिव ने मुख्य सचिव को पत्र लिखकर केजरीवाल की ओर से जानबूझकर वजन घटाने का आरोप लगाया है।
पत्र में प्रधान सचिव ने लिखा कि मुख्यमंत्री केजरीवाल के स्वास्थ्य की स्थिति से संबंधित अधीक्षक (जेल) की एक रिपोर्ट मिली। इसमें दावा किया गया है कि मुख्यमंत्री जानबूझकर कम कैलोरी का भोजन खा रहे हैं, जबकि उन्हें पर्याप्त मात्रा में घर का बना खाना उपलब्ध कराया जाता है। आहार निगरानी चार्ट से पता चलता है कि 6 जून से 13 जुलाई के बीच सीएम ने दिन के तीनों भोजन के लिए निर्धारित आहार का पूरा सेवन नहीं किया। प्रथमदृष्टया में यह वजन कम करने का कारण माना जा सकता है। इसके अलावा इंसुलिन को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। पत्र में कहा गया कि अधिकांश दिनों में ग्लूकोमीटर परीक्षण रीडिंग और सीजीएमएस रीडिंग में अंतर दिखा। एक उदाहरण देते हुए पत्र में लिखा गया है कि 6 जुलाई को सीएम ने तीनों भोजन के दौरान निर्धारित आहार का सेवन नहीं किया। नाश्ते से पहले 5 यूनिट इंसुलिन, दोपहर के भोजन से पहले 4 यूनिट व रात के खाने से पहले 2 यूनिट इंसुलिन दिया गया। 7 जुलाई को निर्धारित आहार का सेवन फिर से नहीं किया गया और उस दिन नाश्ते से पहले 5 यूनिट इंसुलिन, दोपहर के भोजन से पहले 4 यूनिट इंसुलिन और रात के खाने से पहले इंसुलिन लेने से मुख्यमंत्री ने मना कर दिया। वहीं, उपराज्यपाल ने मुख्यमंत्री की ओर से निर्धारित चिकित्सीय आहार और दवाओं का सेवन न करने पर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने यह भी कहा है कि इसके कारणों का पता लगाया जाना चाहिए। ऐसा करने से चिकित्सीय और कानूनी परिणाम हो सकते हैं। जेल अधिकारी मुख्यमंत्री को विशेषज्ञों की ओर से निर्दिष्ट आहार के अलावा दवा और इंसुलिन की निर्धारित खुराक लेने के लिए सख्ती से पालन करवा सकते हैं। मुख्यमंत्री टाइप-2 मधुमेह के रोगी हैं। किसी भी गंभीर स्थिति से बचने के लिए निगरानी के साथ सख्त प्रोटोकॉल भी बनाए जाने चाहिए।