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Noida News: दावे हर घर शौचालय के, पर स्वास्थ्य केंद्र में ही सुविधा नहीं

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फोटो.
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- दनकौर के महिला वार्ड का शौचालय भी है जर्जर, फैली रहती है गंदगी, पीएचसी में आने वाले लोगों को शौचालय के लिए होना पड़ता है परेशान

पुनीत कुमार

यमुना सिटी। सरकार ने घर-घर तक शौचालय पहुंचाने के लिए करोड़ों रुपये खर्च किए, लेकिन सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों में ही शौचालयों की स्थिति बदहाल है। रखरखाव और देखरेख के अभाव में शौचालय जर्जर हो चुके हैं और इस्तेमाल के लायक नहीं बचे हैं। दनकौर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में भी मरीजों और तीमारदारों के लिए शौचालय की उचित व्यवस्था नहीं है। इससे मरीजों के साथ-साथ अस्पताल के स्टाफ को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।
दनकौर पीएचसी में हर दिन करीब 400 से अधिक मरीज और परिजन पहुंचते हैं। लेकिन अस्पताल में शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण जरूरत पड़ने पर लोगों को परिसर से बाहर जाना पड़ता है। स्वास्थ्य केंद्र में पहले शौचालय संचालित था, लेकिन रखरखाव के अभाव में वह पूरी तरह जर्जर हो चुका है। ऐसे में सबसे ज्यादा परेशानी महिला मरीजों और तीमारदारों को होती है।
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स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद बिलासपुर निवासी विक्रम और राजू ने बताया कि उनके परिवार की महिलाएं अस्पताल में भर्ती हैं। उन्हें मरीजों के साथ अधिकतर समय अस्पताल में ही रहना पड़ता है। अस्पताल में शौचालय की सुविधा नहीं होने के कारण काफी परेशानी होती है।

सफाई के अभाव में बंद पड़े शौचालय
दनकौर पीएचसी में बने शौचालयों की पिछले कई महीनों से नियमित सफाई नहीं हुई है। परिसर में कूड़े का ढेर लगा हुआ है और दूर से ही दुर्गंध आती है। गंदगी के कारण शौचालय इस्तेमाल करने लायक नहीं रह गए हैं। शौचालय की इमारत भी जर्जर हो चुकी है। अस्पताल कर्मचारियों के मुताबिक, लंबे समय से सफाई नहीं होने के कारण गंदगी जमा होती चली गई, जिससे शौचालयों की हालत खराब हो गई है।

महिला वार्ड के शौचालय का भी बुरा हाल
पीएचसी में महिला वार्ड भी है, जहां प्रसूताएं और गर्भवती महिलाएं भर्ती रहती हैं। यहां भी साफ-सफाई और देखरेख का अभाव है। महिला वार्ड के बाहर कूड़े का ढेर लगा रहता है, जहां मच्छर और मक्खियां पनप रहे हैं। वहीं वार्ड के अंदर बना शौचालय भी बदहाल स्थिति में है। इससे गर्भवती महिलाओं को परेशानी होती है। हालांकि, कोई दूसरा विकल्प नहीं होने के कारण उन्हें इसी शौचालय का इस्तेमाल करने के लिए मजबूर होना पड़ता है।
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दनकौर पीएचसी का भवन काफी पुराना हो चुका है। इस वजह से शौचालय भी जर्जर हो गए हैं। नए भवन के लिए प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। हालांकि, स्वास्थ्य केंद्र में नियमित रूप से साफ-सफाई कराई जाती है। यदि कोई समस्या है तो उसे तत्काल दुरुस्त कराया जाएगा। -उवेद कुरैशी, सीएचसी अधीक्षक, डाढ़ा
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