संवाद न्यूज एजेंसी
अंबाला। अंबाला-साहा हाईवे पर गांधी मैदान के सामने निर्मित अग्निशमन विभाग की इमारत में नगर परिषद का कार्यालय स्थानांतरित नहीं होगा। नगर परिषद कार्यालय की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग ने अनुमति देने से इनकार कर दिया है। ऐसे में नगर परिषद की कंडम इमारत में कार्यरत कर्मचारियों के लिए परेशानी बढ़ गई है और उन्हें लगातार हादसे का डर सता रहा है। इस संबंध में अग्निशमन विभाग की तरफ से भी अपने मुख्यालय में पत्र भेजा गया था और मार्गदर्शन मांगा गया था।
10 लाख हुए खर्च
नगर परिषद ने अग्निशमन इमारत में अपने स्तर पर केबिन बनाने का काम शुरू कर दिया था और इस पर लगभग 9 से 10 लाख रुपये खर्च किए गए। वहीं अग्निशमन इमारत के बाहर नगर परिषद का बोर्ड भी चस्पा दिया गया। जब इसकी जानकारी अग्निशमन विभाग के कर्मचारियों को लगी और उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो उन्हें भी एक तरफ जगह देने के निर्देश दिए गए। लेकिन मामला यहां शांत नहीं हुआ। इस पर नाराजगी जाहिर करते हुए अग्निशमन विभाग ने मुख्यालय में पत्र भेज दिया कि उनकी इमारत में नगर परिषद कार्यालय को स्थानांतरित किया जा रहा है और बिना विभागीय अनुमति के।
मंत्री से गुहार की तैयारी
नगर परिषद की लगभग 70 साल पुरानी इमारत की खस्ता हालत को देखते हुए अग्निशमन इमारत में स्थानांतरण का प्रस्ताव तैयार किया गया था ताकि हादसे से बचा जा सके। दूसरी तरफ नगर परिषद की नई इमारत के निर्माण को लेकर भी खाका तैयार किया गया था। इस पर लगभग 60 करोड़ रुपये खर्च होने हैं। लेकिन फंड न होने के कारण कर्मचारियों को मजबूरन कंडम इमारत में ही काम करना पड़ रहा है।
16 करोड़ रुपये में तैयार हुई इमारत
अग्निशमन इमारत का निर्माण लगभग 16 करोड़ की लागत से किया गया है। नई इमारत के निर्माण का कार्य वर्ष जनवरी 2021 में शुरू किया गया था। इस पर लगभग 11.39 करोड़ रुपये खर्च होने थे। इस कार्य को सितंबर 2022 तक पूरा करना था, लेकिन फंड की कमी के कारण काम लंबित हो गया। जब नए सिरे से अधूरे काम को पूरा करने का प्रस्ताव तैयार हुआ तो यह बढ़कर 15.96 करोड़ तक पहुंच गया।
अभी विभाग से कार्यालय के स्थानांतरण की अनुमति नहीं मिली है, इसके प्रयास जारी हैं, जैसे ही कोई अपडेट होगा तो वह बता दिया जाएगा।
- देवेंद्र नरवाल, कार्यकारी अधिकारी, नगर परिषद सदर, अंबाला।