- चार घंटे तक खड़ी रहती हैं बसेंं, 80 से ज्यादा बसें जाती हैं एयरपोर्ट
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। यात्रियों को किफायती और सुगम सफर देने के लिए चलाई गईं सिटी बसें सड़काें से ज्यादा एंडिंग प्वाइंट्स पर समय बिता रही हैं। एंडिंग प्वाइंट्स पर चार से पांच घंटे तक बसें बेवजह खड़ी रहती हैं। बावजूद इसके बसें नहीं भरती। ऐसे में बसों को चलाने का जो उद्देश्य पूरा होता नहीं दिख रहा।
अधिकतर बसों के रूट का एंडिंग प्वाइंट नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट है। सेक्टर-90 बस डिपो, गाजियाबाद के मोहन नगर, बॉटनिकल गार्डन समेत अन्य स्टेशन से चलने वाली लगभग 80 से ज्यादा बसें एयरपोर्ट जाती हैं। एयरपोर्ट पर बसों का जमघट लग जाता है। एयरपोर्ट पर अभी चुनिंदा फ्लाइट्स का संचालन हो रहा है, ऐसे में बसों में यात्री भी बमुश्किल ही मिलते हैं। परिवहन के कर्मचारी जब गेट पास जारी करते हैं उसके बाद ही बसों को रवाना होने की अनुमति मिलती है। सेक्टर मोरना बस डिपो में बस के पहुंचने के बाद यहां से निकलने के लिए भी गेट पास की आवश्यकता पड़ती है। नोएडा इलेक्ट्रिक बस डिपो के एआरएम राजेश कुमार ने बताया बसों का नियमित संचालन किया जा रहा है।
चार्जिंग की भी नहीं सुविधा
एयरपोर्ट पर चार घंटे से ज्यादा देरी तक बसें खड़ी रहने के बाद भी वे चार्जिंग प्वाइंट का उपयोग नहीं कर पातीं। उन्हें चार्जिंग के लिए मोरना डिपो या सेक्टर 90 स्थित इलेक्ट्रिक बस डिपो पर ही जाना पड़ता है। दरअसल, एयरपोर्ट पर चार्जिंग प्वाइंट बने तो हैं लेकिन परिवहन निगम का संबंधित एजेंसी के साथ करार नहीं हुआ है। जिसके कारण बसें ज्यादा ट्रिप नहीं लगा पातीं। एक ट्रिप में ही बसों की बैटरी खत्म हो जाती है। इसके बाद चार्जिंग के लिए चार घंटे से ज्यादा प्रतीक्षा करनी पड़ती है।