नोएडा प्राधिकरण की योजना में फिर बदलाव, 50 से बढ़ाकर बसों की संख्या भी 100 की गई
माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। सिटी बस परियोजना भले ही धरातल पर न उतरी हो लेकिन बदलाव का दौर जारी है। नया परिवर्तन यह है कि अब बसों को यूपी परिवहन निगम के बजाय निजी कंपनी से चलाने की योजना है। इसके साथ ही बसों की संख्या 50 से बढ़ाकर 100 करने की तैयारी है। इसके लिए उन दो कंपनियों को मैका दिया जाएगा जो मार्च-2025 में परिवहन निदेशालय की तरफ से जिले में 500 बसों के संचालन के लिए टेंडर में चिह्नित हुई थीं। इनसे 9 और 12 मीटर की 50-50 बसें मंगवाने पर विचार शुरू हो गया है।
प्राधिकरण अधिकारियों ने बताया कि परिवहन निगम के साथ करार के क्रम में भी वायबिलिटी गैप फंडिंग (वीजीएफ) का भुगतान प्राधिकरण को करना पड़ेगा। इसके साथ ही निगम ने चालक-परिचालक देने से इन्कार कर दिया है। प्राधिकरण के पास बस संचालन का कोई अनुभव भी नहीं है। इन सभी तथ्यों को देखते हुए निजी कंपनियों को जिम्मेदारी देने पर विचार किया है।
परियोजना में बसें ग्रास कॉस्ट कांट्रैक्ट (जीसीसी) मॉडल पर संचालित की जाएंगी। अधिकारियों ने बताया कि पूरी परियोजना पर आने वाली लागत का वहन एजेंसी को करना होगा। फिर दरों व रूट पर मिलने वाले यात्रियों से किराए के बीच के अंतर (वीजीएफ) का भुगतान प्राधिकरण को करना होगा। प्राधिकरण के जीएम एसपी सिंह ने बताया कि दोनों ही कंपनियों से बस संचालन के लिए संपर्क किया जाएगा। कंपनियों से उनके वीजीएफ संबधी जानकारी भी मांगी जाएगी।