-यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड जिला प्रशासन की मौजूदगी में सौंपेगा जिम्मेदारी
-सीआईएसएफ के 1030 जवान हवाई अड्डे की सुरक्षा में तैनात रहेंगे, 30 अक्तूबर को पीएम करेंगे शुभारंभ
माई सिटी रिपोर्टर
यमुना सिटी। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था आज से केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) के हाथ में आ जाएगी। सोमवार को नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर आयोजित इंडेक्शन प्रोग्राम में यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (यापल) जिला प्रशासन की मौजूदगी में सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपेगी। सीआईएसएफ के 1030 जवान हवाई अड्डे की सुरक्षा में तैनात रहेंगे।
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा की जिम्मेदारी लेने के दौरान इंडक्शन कार्यक्रम परिसर में आयोजित किया जाएगा। इसमें यमुना एक्सप्रेस-वे औद्योगिक विकास प्राधिकरण और यापल के सीईओ राकेश कुमार सिंह, जिलाधिकारी मेधा रूपम और सीआईएसएफ के महानिदेशक राजविंदर सिंह भट्टी की मौजूदगी रहेगी। नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के पहले चरण का निर्माण पूरा होने के बाद 30 अक्तूबर को इसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों होना है। हवाई अड्डे से देशभर के 10 शहरों की उड़ानें भी उद्घाटन के 45 दिनों के अंदर शुरू करने की तैयारी है।
24 घंटे होगी एआई कैमरों से निगरानी
नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे की सुरक्षा की कमान सीआईएसएफ लेगी। इस दौरान 24 घंटे आर्टिफिशल इटेलिजेंस वाले हाई रेजुलेशन कैमरों से सीआईएसएफ निगरानी करेगी। इन कैमरों से लैंडसाइड (हवाई अड्डे में सुरक्षा जांच क्षेत्र को छोड़कर पूरा क्षेत्र), टर्मिनल और एयरसाइड (हवाई अड्डे का उड़ान क्षेत्र) जोन के चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी। हवाई अड्डे पर कमांड कंट्रोल सेंटर बनाकर तैयार कर दिया गया है। किसी भी गतिविधि पर आर्टिफिशियल आधारित कैमरे सायरन बजाकर सुरक्षा व्यवस्था को अलर्ट कर देंगे।
यूनिफाइड सिक्यूरिटी ऑपरेशन सेंटर से सुरक्षाबल सबपर रखेंगे नजर
हवाई अड्डे में मौजूद एकीकृत सुरक्षा संचालन केंद्र पूरी तरह से स्वचालित और केंद्रीकृत डैशबोर्ड पर आधारित है। इस केंद्र से सुरक्षाबल एयरसाइड, लैंडसाइड और टर्मिनल में होने वाली अनाधिकृत घुसपैठ पहचान प्रणाली (पीआईडीएस) से लैस तकनीक से अनाधिकृत घुसपैठ को रोकेगा।
बाहरी दीवार पर लगे 350 से अधिक सीसीटीवी
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षाबल हवाई अड्डे के चारों ओर दीवारों पर लगे 350 से अधिक हाई रेजुलेशन सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखेंगे। दीवारों के ऊपर एक मीटर ऊंचाई के बिजली के तारों की बाढ़ बनाई गई है। इसमें 24 घंटे बिजली का प्रवाह होगा।
एडवांस इमरजेंसी रिस्पांस टीम
हवाई अड्डे की सुरक्षा व्यवस्था को भेदने का प्रयास करने वालों के लिए आपातकालीन नियंत्रण केंद्र अत्याधुनिक आईसीटी प्रणालियों से लैस किया गया है। अलर्ट होते ही केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल के जवान मौके पर पहुंचेंगे।
नेक्सट जेन एडवांस सिस्टम से सामान की होगी जांच
हवाई अड्डे के केबिन बैगेज की जांच एक स्वचालित ट्रे रिट्रीवल सिस्टम (एटीआरएस) के माध्यम से की जाएगी। पहले चरण में 13 सुरक्षा लेन पर यह लगेंगी। एक इन-लाइन होल्ड बैगेज सिस्टम पूरे यात्रा के दौरान सामान की निरंतर ट्रैकिंग करेगा। टर्मिनल पर वॉक-थ्रू मेटल डिटेक्टर और फुल-बॉडी स्कैनर की सुरक्षा रहेगी। इसके अलावा उड़ान से पूर्व सुरक्षा की एक स्तर से जांच की जाएगी।