ग्रेटर नोएडा। चिटहेरा भूमि घोटाले में प्रशासन की दादरी तहसील की टीम ने शासन से पूर्व जांच की फाइल मांगी है। वहीं, हापुड़ और मेरठ से भी घोटाले से जुड़े कागजात को मंगाए गए हैं। इनकी जांच की जा रही है। वहीं, शासन स्तर से भी जल्द फाइल मिलने की उम्मीद है। अफसरों का दावा है कि जांच रिपोर्ट जल्द पूरी हो जाएगी। फिर उसी के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। भूमाफिया ने चिटहेरा गांव में भूमिहीनों के पट्टों और सरकारी जमीन को अपने नाम करा लिया। इसमें से काफी जमीन का प्राधिकरण से मुआवजा उठा लिया है। कुछ जमीन पर कॉलोनी काटी जा रही है। शिकायतकर्ता की शिकायत पर डीजीपी ने एसटीएफ को इसकी जांच सौंपी है।
साथ ही डीएम सुहास एलवाई ने एडीएम (वित्त एवं राजस्व) वंदिता श्रीवास्तव को भी जांच सौंपी है। एडीएम वंदिता श्रीवास्तव ने दादरी एसडीएम से चिटहेरा में पट्टों और अन्य सरकारी जमीन से जुड़ी जानकारी मांगी थी। एक सप्ताह के अंदर यह रिपोर्ट देनी थी, लेकिन करीब 20 दिन बाद भी रिपोर्ट नहीं दी गई है। तहसील के अफसरों ने बताया कि चिटहेरा भूमि घोटाले की जांच पहले भी हुई थी। इसकी रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी। जिलास्तर पर रिपोर्ट नहीं मिली है। शासन से जांच रिपोर्ट को मंगवाया गया है। जल्द ही रिपोर्ट मिल जाएगी। वहीं, हापुड़ और मेरठ से जरूरी कागजात को मंगाया गया है। इन सभी का अध्ययन किया जा रहा है। सभी तथ्य को जांच में शामिल करने के बाद रिपोर्ट एडीएम को सौंपी जाएगी।
पांच से पहले भी हो चुकी है जांच
चिटहेरा भूमि घोटाला करीब 15 साल पुराना है। इसकी शिकायत पहले भी हो चुकी है। करीब पांच साल पहले शासन के आदेश पर जिलास्तरीय अफसरों ने इसकी जांच की थी। जांच के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी गई थी, लेकिन कुछ हो नहीं सका। बताया गया है कि तब राजनीति दबाव में जांच रिपोर्ट को दबा दिया गया था।