‘स्वदेशी टेक’ बनाने वाले चिराग राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए चयनित
नोएडा। सेक्टर-40 निवासी चिराग भंसाली का चयन राष्ट्रीय बाल पुरस्कार के लिए हुआ। यह पुरस्कार उन्हें इनोवेशन के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए दिया जाएगा। डीपीएस नोएडा के 11वीं के छात्र चिराग ने चीनी ऐप का विकल्प खोजने के लिए ‘स्वदेशी टेक’ नाम से वेबसाइट बनाई थी। पुरस्कार के लिए चयनित प्रदेश के पांच बच्चों से प्रधानमंत्री मोदी 25 जनवरी को संवाद करेंगे।
केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्रालय की ओर से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार-2021 के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए थे। चयन के बाद केंद्र ने प्रदेश सरकार को बाल विजेताओं की सूची भेज दी। साथ ही संबंधित जिलाधिकारियों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इन बच्चों की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से बात कराने के निर्देश दिए हैं। नोएडा से चयनित 16 वर्षीय चिराग की हमेशा से नई तकनीक में रुचि रही है। चीनी ऐप पर प्रतिबंध के बाद चिराग ने स्वदेशी टेक नाम से वेबसाइट बनाई, जो लोगों को प्रतिबंधित ऐप का विकल्प खोजने में मदद करती है। सहपाठियों को चीनी ऐप का उपयोग करते देख एवं इनोवेटर सोनम वांगचुक के वीडियो से प्रेरित होकर उन्होंने यह वेबसाइट बनाई। चिराग ने 12 साल की उम्र में कोडिंग सीखनी शुरू कर दी। वह कुछ अन्य वेबसाइटों का निर्माण भी कर चुके हैं। चिराग ने वेबसाइट में ऐप को विभिन्न श्रेणियों में विभाजित किया है। शुरुआत में वेबसाइट पर 56 ऐप के विकल्प थे। जिन्हें लगातार बढ़ाया गया है।
इन्हें मिलता है पुरस्कार
पुरस्कार के लिए ऐसे बच्चों को चयनित किया जाता है, जो असाधारण क्षमताओं के धनी हों। जिन्होंने विज्ञान, खेल, कला, नवाचार, सामाजिक सेवा और बहादुरी सहित विभिन्न क्षेत्रों में अलग पहचान बनाई हो। पुरस्कार के रुप में एक लाख रुपये नकद, एक प्रशस्ति पत्र और एक पुस्तिका दी जाती है।