प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन पैदा होंगे बच्चे, डॉक्टरों से बढ़वाई तारीख
... रामलला आएंगे और खुशियां लाएंगे
ग्रेटर नोएडा के कई अस्पतालों में 22 जनवरी की तिथि बुक कराई गई
एक दिन पहले तो कुछ एक दिन बाद कराएंगे महिलाओं की डिलीवरी
मनोज कुमार
ग्रेटर नोएडा। देश ही नहीं बल्कि विदेश में रामलला के प्राण प्रतिष्ठा का कार्यक्रम जोर-शोर से करने की तैयारी हो रही है। यहां पर 22 जनवरी को न सिर्फ मंदिरों में कार्यक्रम होंगे, बल्कि कुछ लोगों ने अपने बच्चों का जन्म भी रामलला के प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन कराने का निर्णय लिया है। यह ऐसे लोग हैं, जिनके बच्चों के जन्म की तारीख 20 से 23 जनवरी के बीच मिली है। इनमें कई सामान्य प्रसव के हैं तो कई की सिजेरियन डिलीवरी होनी है। वहीं, जिनको 22 जनवरी की तारीख मिली थी वह तो काफी खुश हैं।
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केस एक
ग्रेनो के ओमीक्रॉन सेक्टर निवासी हरेंद्र शर्मा बताते हैं, पत्नी पहली बार गर्भवती है। डॉक्टर ने 20 जनवरी की डिलीवरी की तारीख दी थी, मगर उसने पूछा कि यदि दो आगे हो जाए तो कोई दिक्कत तो नहीं होगी। डॉक्टर ने बताया कि इससे कोई परेशानी नहीं होगी। इस पर रामलला के प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन ही बच्चे के जन्म की तारीख तय की है। सीता और राम के पर्यायवाची नाम पर बेटी या बेटा का नाम रखेंगे।
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केस-दो
ग्रेनो वेस्ट सेक्टर-तीन निवासी प्रमोद का पत्नी का ग्रेटर नोएडा के अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी पत्नी की डिलीवरी की तारीख डॉक्टर ने 23 जनवरी दी थी, मगर उन्होंने एक दिन पहले 22 जनवरी को कराने के लिए तारीख ली है।
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यदि महिला को कोई परेशानी नहीं है तो प्रसव को एक दिन आगे या पीछे किया जा सकता है। यह केवल सामान्य परिस्थितियों में ही हो सकता है। यदि कोई समस्या है तो ऐसा नहीं किया जा सकता है। - डॉ. रेनू अवाना, क्रूस डिवाइन अस्पताल
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हमारे अस्पताल में हर दिन आठ से दस प्रसव सामान्य होते हैं, लेकिन कुछ लोगों ने इच्छा जताई कि वह रामलला के प्राण प्रतिष्ठा वाले दिन ही प्रसव कराना चाहते हैं। इस दिन 18 महिलाओं को प्रसव की तारीख दी गई है। - रिचा त्यागी, गाइनोकोलाॅजिस्ट, कृष्ण लाइफ लाइन अस्पताल
0000000बंदियों के बनाए एलईडी दीये से रोशन होगा अयोध्या का राम मंदिर
जिला जेल में करीब 50 बंदी एक माह से बना रहे दीये, बृहस्पतिवार को भेजा जाएगा
ग्रेटर नोएडा। गौतमबुद्ध नगर जेल में बंदियों के बनाए एलईडी दीये से 22 जनवरी को अयोध्या का राम मंदिर जगमग होगा। लुकसर जेल में करीब 50 बंदी एक माह से यह दीये बना रहे हैं। अब तक करीब 1200 एलईडी दीये बनाए जा चुके हैं, इनमें से 1000 दीये बृहस्पतिवार को अयोध्या भेजे जाएंगे। इनमें ऐसी चिप लगाई गई कि एक बूंद पानी डालने पर घर की तरह दीये जलने लगते हैं। इन दीयों का खर्च जेल प्रशासन वहन कर रहा है। इससे पहले लुकसर जेल में बंदियों को एलईडी लाइट की लड़ी बनाने का काम किया गया था। ग्रेनो प्राधिकरण ने इसे खरीदकर दिवाली पर एक्सप्रेसवे के पाेल पर लगवाया था। जेल अधीक्षक अरुण प्रताप सिंह ने बताया कि बंदियों ने पहले एलईडी पोल लाइट बनाने का काम किया था। अब एलईडी दीये बनाए हैं। 1000 एलईडी दीये अयोध्या के राम मंदिर में लगाए जाएंगे।