- जेवर के नीमका-शाहजहांपुर में आयोजित ग्रामीण संवाद में फूटा लोगों का गुस्सा
-बोले, तमाम समस्याओं पर दो वर्षों से मिल रहा है मात्र आश्वासन
संवाद न्यूज एजेंसी
यमुना सिटी। गांव के मुलभूत समस्याओं के समाधान के लिए कई बार एसडीएम से मुलाकात की, लेकिन दो वर्षों से केवल आश्वासन ही मिल रहा है। खुले पड़े नाले, गंदगी से भरे तालाब, जर्जर सड़क, जलभराव और कूड़े के कारण लगभग पांच हजार लोगों का जीवन मुश्किल हो गया है। यह बातें लोगों ने मंगलवार को जेवर के नीमका-शाहजहांपुर में आयोजित ग्रामीण संवाद में कहीं।
लोगों ने बताया कि गांव की नालियां टूटी हुई हैं। गंदा पानी रास्तों पर बह रहा है। नाले खुले पड़े हैं। इसके कारण हादसों की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि दो वर्ष पहले नाले में गिरने से एक बच्चे की मौत हो गई थी, इसके बाद भी प्रशासन की नींद नहीं खुली। नाले निर्माण सामग्री के अपशिष्ट से जाम पड़े हैं। सड़क का लेवल नाले से नीचे होने के कारण जल निकासी नहीं हो पाती है। स्कूली बच्चों को भी कीचड़ व जलभराव के बीच से होकर निकलना पड़ता है। इस वजह से कई बच्चों ने स्कूल जाना छोड़ दिया है। पंचायत घर का भवन जर्जर हो चुका है और परिसर में चारों तरफ झाड़ियां उग आई हैं। बरातघर व श्मशान की स्थिति भी ठीक नहीं है। गांव में खुर्जा रोड से देवी मंदिर तक सड़क की हालत चलने लायक भी नहीं है।
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बयान 1
नाले खुले पड़े हैं। इसके कारण कभी भी कोई बड़ा हादसा हो सकता है।
- अशोक कुमार, निवासी
बयान 2
गांव में जल निकासी की व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है।
- राधे श्याम, निवासी
बयान 3
15 दिनों के लंबे अंतराल पर होता है कूड़े का उठान होता है। इससे हर समय गंदगी रहती है।
- कृष्ण कुमार, निवासी
बयान 4
बारात घर की दयनीय हालत होने के कारण निजी बैंक्वेट हॉल का सहारा लेना पड़ता है।
- राज प्रताप, निवासी