- बीते सत्र में एमसीडी स्कूलों के पांचवीं के 47 और दिल्ली सरकार के 70 फीसदी बच्चे पढ़ सकते थे आसान पाठ
- नए सत्र के में मिशन बुनियाद के लिए शिक्षा मंत्री आतिशी व मेयर शैली ओबरॉय ने शिक्षा निदेशालय से की चर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली। दिल्ली सरकार व एमसीडी स्कूलों के तीसरी से आठवीं कक्षा तक के बच्चे अब बिना रुके कहानियां पढ़ सकेंगे व सरल भाग भी आसानी से कर सकेंगे। दिल्ली सरकार ने इन बच्चों के सीखने के अंतर को पाटने की तैयारी शुरु कर दी है। सरकार उन गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित करेगी जो बच्चों को अपरिचित शब्दों के साथ धाराप्रवाह पढ़ने में मदद करेगी।
दरअसल, मिशन बुनियाद के तहत सरकार कई तरह के कदम उठाने जा रही है, जिससे कि उनके सीखने के स्तर को और मजबूत किया जा सके। इसे लेकर शिक्षा मंत्री आतिशी व मेयर शैली ओबरॉय ने शिक्षा निदेशालय व एमसीडी स्कूलों के 2700 स्कूल प्रमुखों से चर्चा की। राज्य शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद ने शनिवार को शिक्षा निदेशालय और एमसीडी स्कूलों के प्रमुखों के लिए मिशन बुनियाद को लेकर संयुक्त ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री आतिशी ने कहा कि हम देश के भविष्य को मजबूत कर सकें इसके लिए जरूरी है कि हम अपनी कक्षाओं में बैठे बच्चों के बुनियाद को मजबूत करें। शिक्षा निदेशालय और एमसीडी स्कूल दिल्ली शिक्षा प्रणाली के दो मजबूत स्तंभ है और दोनों साथ मिलकर शिक्षा के क्षेत्र में बड़े बदलाव लायेंगे। इस साल मिशन बुनियाद के लक्ष्यों को शत प्रतिशत हासिल करने के लिए स्कूल प्रमुखों और टीचर्स आगे बढ़कर ऑनरशिप लें।
मेयर शैली ओबरॉय ने कहा कि हमें बच्चों की बुनियाद को मजबूत करना है। कोविड महामारी के चलते दो साल तक बच्चों की पढ़ाई काफी प्रभावित रही। उसी गैप को भरने के लिए मिशन बुनियाद की शुरुआत की गई। इस मिशन के तहत हमारा उद्देश्य है कि छात्रों को बेसिक से लेकर एडवांस स्टेज तक लेकर जाना है। शिक्षकों का प्रशिक्षण भी बेहद जरूरी है।
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नए सत्र में मिशन बुनियाद की तैयारी
1. तीसरी से पांचवीं कक्षा के शत प्रतिशत बच्चों को बिना अटके लघु कहानियां पढ़ने के लिए और छठी से आठवीं कक्षा के सभी बच्चों को धाराप्रवाह एडवांस स्टोरी पढ़ने के लिए तैयार किया जाएगा। इससे उन्हें अपनी कक्षा की पाठ्यपुस्तकों को पढ़ने में मदद मिलेगी। साथ ही, सभी बच्चों को सरल भाग करना सिखाया जायेगा।
2. स्कूलों में उन गतिविधियों पर ध्यान केंद्रित किया जायेगा जो बच्चों को अपरिचित शब्दों के साथ धाराप्रवाह पढ़ने, गलतियों के बिना लिखने और स्थानीय मान की स्पष्ट समझ के साथ गुणा और भाग से जुड़े हाई आर्डर गणितीय सवालों को समझने और हल करने में मदद करेंगे।
3. एससीईआरटी शिक्षा निदेशालय और एमसीडी के वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में एक नोडल टीम ने एक संयुक्त पाठ्यचर्या रणनीति तैयार की है जिससे बच्चों की प्रगति की बारीकी से मॉनिटरिंग की जाएगी।
4. अब एमसीडी स्कूल और शिक्षक यह सुनिश्चित करेंगे कि अगले साल से उनके स्कूल का हर वो बच्चा जो छठी कक्षा में शिक्षा निदेशालय के स्कूल में जायेगा पढऩे, लिखने और अंकगणित के सवाल हल करने में पूरी तरह से कुशल होगा।
5. इस साल के लिए शिक्षा निदेशालय, एमसीडी और एससीईआरटी साथ मिलकर लर्निंग मटेरियल तैयार कर रही है। प्रिंसिपल, शिक्षकों, मेंटर टीचर व मिशन बुनियाद के कोर्डिनेटर के लिए ट्रेनिंग आयोजित की जाएगी। छात्रों का बेसलाइन असेसमेंट किया जायेगा।
6. गर्मियों की छुट्टियों में समर कैंप व स्कूलों में मेगा पीटीएम का आयोजन किया जाएगा।