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Noida News: चाइल्ड पीजीआई में बच्चों को सडन कार्डियक अरेस्ट में तुरंत मिलेगा इलाज

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ओपीडी और प्रथम तल पर लगेंगी ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफाइब्रिलेटर, स्टाफ को दिया जाएगा प्रशिक्षण
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माई सिटी रिपोर्टर
नोएडा। बच्चों में बढ़ते सडन कार्डियक अरेस्ट के मामलों को देखते हुए चाइल्ड पीजीआई में प्राथमिक उपचार की व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। अस्पताल प्रशासन ने बच्चों के लिए विशेष रूप से तैयार ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफाइब्रिलेटर (एईडी) यानी शॉक मशीन लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए मशीन बनाने वाली कंपनी से बातचीत पूरी हो चुकी है।

अस्पताल प्रशासन ने पिछले साल मार्च में एईडी मशीन लगाने की कवायद शुरू की गई थी लेकिन बच्चों के लिए मशीन मिलने में दिक्कत आ रही थी। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, शुरुआती चरण में चाइल्ड पीजीआई में दो एईडी मशीनें लगाई जाएंगी। इनमें से एक मशीन भूतल स्थित ओपीडी में और दूसरी प्रथम तल पर स्थापित की जाएगी ताकि किसी भी आपात स्थिति में बच्चों को तुरंत प्राथमिक उपचार मिल सके।
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कितनी जरूरी है मशीन
सडन कार्डियक अरेस्ट की स्थिति में एईडी मशीन को हृदय के समीप लगाकर नियंत्रित शॉक दिया जाता है जिससे हृदय की धड़कन को दोबारा सामान्य करने में मदद मिलती है। अब बच्चों में भी अचानक हृदय गति रुकने यानी सडन कार्डियक अरेस्ट के मामले सामने आ रहे हैं। ऐसी स्थिति में कुछ ही मिनटों के भीतर उपचार न मिलने पर मरीज की जान को गंभीर खतरा हो सकता है। एईडी मशीन और सीपीआर के माध्यम से दिए गए प्राथमिक उपचार से मरीज की जान बचाई जा सकती है। एईडी मशीन हृदय की धड़कन का विश्लेषण कर आवश्यक होने पर बिजली का झटका देती है, जिससे हृदय दोबारा अपनी स्वाभाविक गति से काम करने लगता है।
क्या है एईडी

यह एक पोर्टेबल इलेक्ट्रॉनिक उपकरण होता है जिसे आसानी से उपयोग किया जा सकता है। अस्पताल प्रशासन की ओर से डॉक्टरों, नर्सों और अन्य स्टाफ को इसके इस्तेमाल का विशेष प्रशिक्षण भी दिया जाएगा ताकि आपात स्थिति में बिना देरी उपचार शुरू किया जा सके।
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वर्जन


पहले बच्चों के लिए उपयुक्त एईडी मशीन उपलब्ध कराने में दिक्कत आ रही थी। अब संबंधित कंपनी से संपर्क स्थापित हो गया है। जल्द ही अस्पताल में दोनों एईडी मशीनें स्थापित कर दी जाएंगी। इससे इलाज के दौरान बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी। -डॉ. एके सिंह, निदेशक, चाइल्ड पीजीआई
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