- चार दिवसीय आस्था का पर्व 28 तक चलेगा
-पांच हजार से अधिक श्रद्धालु करेंगे सूर्य उपासना
-घाट की सफाई-सज्जा में तेजी, बाजारों में पूजन सामग्री की खरीदारी से रौनक
— सुरक्षा, रोशनी व स्वच्छता के लिए प्रशासन अलर्ट 25 से 28 अक्तूबर तक मनाया जाएगा छठ महापर्व, तैयारियों में जुटे श्रद्धालु व प्रशासन
संवाद न्यूज एजेंसी,
पलवल। लोक आस्था का महापर्व छठ बस कुछ दिनों बाद ही शुरू होने वाला है। शहर में इस पर्व की तैयारियां जोरो पर हैं। श्रद्धा, आस्था और परंपरा के इस चार दिवसीय महापर्व को लेकर लोगों में उत्साह देखने को मिल रहा है। इस बार छठ पर्व 25 से 28 अक्तूबर तक मनाया जाएगा। पलवल शहर के अगवानपुर गांव स्थित छठ घाट पर साफ-सफाई, रंगाई और सजावट का कार्य चल रहा है। पूर्वांचल जनकल्याण समिति के अध्यक्ष विजय पटेल और धार्मिक सलाहकार डॉ. पशुपतिनाथ मिश्र ने बताया कि समिति के सदस्य दिन-रात घाट की सफाई में जुटे हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए रोशनी, पेयजल, अस्थायी शौचालय, बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था की तैयारी पूरी की जा रही है। घाटों को आकर्षक रूप देने के लिए फूलों की मालाएं, झालरें और रंग-बिरंगी लाइटें लगाई जा रही हैं।
बाजारों में लाैटी राैनक : पुलिस प्रशासन की ओर से भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। भीड़ नियंत्रण के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा, वहीं स्वास्थ्य विभाग की टीम व दमकल वाहन भी मौके पर मौजूद रहेंगे। छठ पर्व की तैयारी के साथ ही बाजारों में रौनक लौट आई है। महिलाओं ने पूजन सामग्री की खरीदारी शुरू कर दी है। गन्ना, नारियल, केला, नींबू, सिंघाड़ा, मिठाई, गुड़, चावल, फल और बांस की डलिया, सूप, दौरा, और टोकरी की बिक्री तेजी से बढ़ी है। बाजारों में भीड़ इतनी बढ़ गई है कि दुकानदारों के चेहरे भी खिल उठे हैं।
चार दिवसीय छठ पर्व की विधि: पहला दिन (25 अक्तूबर) नहाय-खाय, इस दिन व्रती महिलाएं नदी या तालाब में स्नान कर पवित्रता के साथ व्रत का आरंभ करती हैं और प्रसाद में चने की दाल, लौकी और चावल का सेवन करती हैं। दूसरा दिन (26 अक्तूबर) खरना, इस दिन व्रती पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और शाम को गुड़ और चावल की खीर बनाकर प्रसाद ग्रहण करती हैं। तीसरा दिन (27 अक्तूबर) संध्या अर्घ्य, सूर्यास्त के समय सूर्य देव को अर्घ्य अर्पित किया जाता है। घाटों पर इस अवसर पर भजनों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और झांकियों का आयोजन किया जाएगा। चौथा दिन (28 अक्तूबर) उषा अर्घ्य — सूर्योदय के समय छठी मैया और सूर्य देव को अर्घ्य अर्पण कर पर्व का समापन होता है। व्रती महिलाएं लगभग 36 घंटे का निर्जला व्रत रखती हैं।
इस वर्ष छठ पूजन महोत्सव पर मुख्य अतिथि के रूप में खेल मंत्री गौरव गौतम होंगे साथ ही पूर्व विधायक दीपक मंगला, उपायुक्त हरीश कुमार वशिष्ठ, एसडीएम ज्योति, और नगर परिषद चेयरपर्सन डॉ. यशपाल मौजूद रहेंगे। समिति के पदाधिकारियों अध्यक्ष विजय पटेल, उपाध्यक्ष गणेश मुखिया, महासचिव ब्रजेश शाह, धार्मिक सलाहकार डॉ. पशुपतिनाथ मिश्र, महामंत्री रामवृक्ष मुंशी, कोषाध्यक्ष प्रमोद कुमार, सह सचिव आनंद कुमार ने महोत्सव की तैयारियों को लेकर बैठक की और सभी व्यवस्थाएं सुचारू रूप से पूरी करने के निर्देश दिए।