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बाइक बोट फर्जीवाड़े में आरोप पत्र दाखिल

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बाइक बोट फर्जीवाड़े में आरोप पत्र दाखिल
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ग्रेटर नोएडा। बहुचर्चित बाइक बोट फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी संजय भाटी और विजयपाल कसाना के खिलाफ पुलिस ने 5 केस में आरोप पत्र जिला अदालत में दाखिल कर दिया है। दोनों आठ अन्य आरोपियों के साथ लुक्सर जिला कारागार में बंद हैं। न्यायिक हिरासत के 90 दिन पूरे होने से पहले ही आर्थिक अपराध शाखा ने यह कार्रवाई की है। इससे आरोपियों को जमानत मिलना और मुश्किल हो गया है।
दादरी स्थित कोट गांव के पास गर्वित इनोवेटिव प्रमोटर्स लिमिटेड (बाइक बोट) कंपनी के पदाधिकारियों पर दफ्तर खोल कर अरबों के फर्जीवाड़े का आरोप है। आरोपियों ने 1 साल में धन दोगुना करने का झांसा देकर उत्तर प्रदेश एनसीआर समेत देश के विभिन्न राज्यों के लगभग ढाई लाख निवेशकों से धोखाधड़ी की थी। आरोपियों ने निवेशकों को एक बाइक पर 62,500 रुपये का निवेश करने पर लगभग 10,000 रुपये प्रतिमाह की किस्त लौटाने का वादा किया था। आरोपियों ने शुरुआत में कुछ माह निवेशकों को किस्तें दी थीं। लेकिन वर्ष 2018 नवंबर-दिसंबर में निवेशकों की किस्त रोक दी गई थीं। इसके बाद से ही कंपनी के निवेशक जमा रकम वापस करने की मांग को लेकर धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। अकेले गौतमबुद्ध नगर में आरोपियों के खिलाफ 50 से अधिक केस दर्ज हैं। इसके अलावा राजस्थान, दिल्ली, हाथरस, अलीगढ़, गुरुग्राम आदि क्षेत्र में भी आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के कई मामले दर्ज हो चुके हैं।
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आरोपियों के खिलाफ सबसे पहले फरवरी 2019 में राजस्थान के जयपुर निवासी सुनील मीणा ने धोखाधड़ी की एफआईआर दादरी थाने में दर्ज कराई थी। हालांकि सभी आरोपियों ने सुनील मीणा की जमा रकम लगभग 28 लाख रुपये लौटा दी थी। लेकिन सुनील मीणा ने अन्य लोगों का रुपया वापस मिलने तक शिकायत वापस लेने से इंकार कर दिया था। इसके बाद कई आरोपियों के खिलाफ निवेशकों ने एफआईआर दर्ज कराई थी।
जून के पहले हफ्ते में फर्जीवाड़े के मुख्य आरोपी विजयपाल कसाना को पुलिस ने मेरठ के एक अस्पताल से हादसे के बाद भर्ती होने के दौरान गिरफ्तार किया। इसके दो-तीन दिन बाद सबसे बड़े आरोपी संजय भाटी ने गौतमबुद्ध नगर अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया था। इन दोनों के अलावा पुलिस 8 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं 11 फरार मुख्य आरोपियों पर पुलिस ने 25,000 रुपये का इनाम घोषित किया है।
ईडी भी कर रही फर्जीवाड़े की जांच
एसएसपी वैभव कृष्ण ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को पत्र लिखकर पूरे मामले की जानकारी दी थी। इसके बाद ईडी के अफसरों ने फर्जीवाड़े की गुप्त रूप से जांच शुरू की थी। बाद में ईडी के अधिकारियों ने पीड़ितों को समन भेजकर लखनऊ स्थित कार्यालय में बयान दर्ज किए थे।
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न्यायिक हिरासत के 90 दिन पूरे होने से पहले ही संजय भाटी और विजयपाल कसाना के खिलाफ 5 केस में आरोप पत्र अदालत में दाखिल कर दिया गया है। अन्य आरोपियों के खिलाफ जांच चल रही है जल्द चार्जशीट पेश की जाएगी। - शीलेश कुमार यादव, आर्थिक अपराध शाखा प्रभारी, गौतमबुद्ध नगर
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