वहीं नोएडा-ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेस-वे किनारे के 16 से ज्यादा सेक्टर और गांव को मेट्रो की कनेक्टिविटी मिलेगी। 8 स्टेशन वाले इस मेट्रो रूट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) 5 साल पहले नोएडा मेट्रो ने तैयार की थी। यूपी कैबिनेट ने 25 जून 2024 को इसे मंजूरी दी थी। फिर 2025 में केंद्र में पब्लिक इनवेस्टमेंट बोर्ड से मंजूरी मिली थी।
इसके बाद जनवरी-2026 में केंद्र की कैबिनेट से मंजूरी को नोट भेजा गया था। केंद्र में कैबिनेट से मंजूरी की जानकारी सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने एक्स पर साझा की है। यह भी बताया है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस रूट को मंजूरी दी गई।
सेक्टर-142 से बोटेनिकल गार्डेन में ब्लू और मजेंटा लाइप के इंटरचेंज तक 11.56 किमी का मेट्रो रूट बनाया जाना है। इस रूट की डीपीआर पांच साल पहले तैयार की गई थी। रोजाना करीब 1 से 1.25 लाख लोग इस लिंक लाइन का प्रयोग करेंगे। इसके निर्माण में करीब 2254.35 करोड़ रुपए खर्च होंगे।
इस रूट पर एनएमआरसी के बोटेनिकल गार्डेन, सेक्टर-44, नोएडा ऑफिस, सेक्टर-94, नोएडा सेक्टर-97, नोएडा सेक्टर-105, नोएडा सेक्टर-108, नोएडा सेक्टर-93, और पंचशील बालक इंटर कॉलेज स्टेशन बनाए जाएंगे। नोएडा-ग्रेनो एक्सप्रेस-वे किनारे से गुजरने वाला यह रूट एलिवेटेड होगा।