कानपुर। ब्रिटिशकालीन कानपुर सेंट्रल स्टेशन से ट्रेन संचालन की मैनुअल प्रक्रिया जल्द समाप्त होगी। माघ मेला समापन के बाद यहां भी इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। मैनुअल सिग्नल सिस्टम खत्म होने से कानपुर आने वाली विभिन्न रूटों की ट्रेनें ज्यादा देर आउटर पर नहीं रुकेंगी।
कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर अभी तक 75 साल पुराने मैनुअल सिग्नल सिस्टम से ही काम चल रहा है। इसमें मानवीय त्रुटि की संभावना अधिक रहती है। खराब मौसम या कम दृश्यता में सुरक्षित सफर का भी खतरा रहता है। इन सब को देखते हुए अब यहां भी इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग सिस्टम लगाया जाएगा। सब कुछ ठीक रहा तो अगले साल इस पर काम शुरू हो जाएगा। अभी गोविंदपुरी और चंदारी स्टेशन तक यह प्रणाली लगाई गई है। अगले चरण में गोविंदपुरी से कानपुर सेंट्रल स्टेशन और फिर यहां से चंदारी तक रेलवे ट्रैक व सिग्नल को इस सिस्टम से लैस किया जाएगा। इसके लगने के बाद एक ही ट्रैक पर विपरीत दिशाओं से आने वाली ट्रेनों को एक ही समय पर संचलित किया जा सकेगा। इस सिस्टम से कोई भी ट्रेन तब तक आगे नहीं जा सकेगी जब तक ट्रैक पूरी तरह से साफ न हो। यह कंप्यूटर आधारित सुरक्षा प्रणाली है जो सिग्नल, स्विच और ट्रैक सर्किट को नियंत्रित करती है ताकि ट्रेन की टक्कर को रोका जा सके।
वर्जन
कानपुर सेंट्रल स्टेशन को भी इलेक्ट्रानिक इंटरलॉकिंग सिस्टम से लैस किया जाएगा। अगले साल तक इस पर काम शुरू कराने की योजना है।
- शशिकांत त्रिपाठी, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर-मध्य रेलवे