माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट मामले में सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद नौचंदी थाने में आवास विकास परिषद के 45 अधिकारियों (वर्तमान व सेवानिवृत्त) और 21 व्यापारियों के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज कराए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय भूखंड पर बने व्यावसायिक कांप्लेक्स को खाली करने और गिराने का आदेश दिया था। आदेश का अनुपालन न होने पर कोर्ट ने प्रदेश के गृह सचिव, आवास आयुक्त, एसएसपी मेरठ और थानाध्यक्ष नौचंदी व 13 व्यापारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करके 27 अक्तूबर तक जवाब भी मांगा हुआ है।
सेंट्रल मार्केट प्रकरण में आवास विकास परिषद के 45 अफसरों (वर्तमान व सेवानिवृत्त) और 21 व्यापारियों पर सरकारी आदेश न मानने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 17 दिसंबर 2024 को सेंट्रल मार्केट के आवासीय भूखंड संख्या 661/6 पर बने व्यावसायिक कांप्लेक्स को तीन महीने के भीतर खाली कराने तथा उसके बाद आवास विकास अधिकारियों को दो सप्ताह के भीतर इसे ध्वस्त करने का आदेश दिया था। शासन के आदेश पर आवास विकास के 49 अफसर चिन्हित किए गए। इनके कार्यकाल में व्यावसायिक भवनों का निर्माण हुआ था। उनमें से चार की मौत हो चुकी है। इसलिए 45 पर मुकदमा दर्ज किया गया। यह रिपोर्ट आवास विकास परिषद के अधिशासी अभियंता आफताब अहमद ने लिखाई है। दूसरे मुकदमे में 21 नामजद व्यापारियों व अन्य पर आवास विकास की अवमानना का मुकदमा आवास विकास परिषद के अवर अभियंता अजब सिंह ने लिखाया है।
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