24 सितंबर को मोहल्ला फतेहखानी कस्बा बिलासपुर निवासी ईसुब उर्फ युसुफ ने केस दर्ज कराया था कि भाई मोहम्मद उर्फ मोहम्मद कुरैशी (48) पशु व्यापारी था। वह 23 सितंबर को अपने घर से 70 हजार रुपये लेकर पशु खरीदने गया हुआ था। लेकिन देर शाम तक वह वापस नहीं आया। उसका फोन भी बंद जा रहा है। उसके घर वापस न आने के संबंध में 24 सितंबर को दनकौर कोतवाली पर भाई द्वारा गुमशुदगी दर्ज कराई गई थी।
25 सितंबर को मोहम्मद उर्फ मोमंद का शव पुलिस को एक विश्वविद्यालय के पीछे जंगल में मिला था। पुलिस को गर्दन का कुछ हिस्सा धारदार हथियार से काटा मिला था। जबकि हाथ और पैरों की उंगुलियों का भी कुछ भाग काटा था। जिस स्थान पर शव पड़ा मिला उससे करीब 10 मीटर दूर मृतक का अंगोछा, करीब 15 मीटर दूर एक जूता मिला था। साथ ही करीब 150 मीटर दूर झाड़ियों में छिपी हुई बाइक बरामद हुई थी। जबकि उनका मोबाइल नही मिल सका था। पुलिस ने द्वारा शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा था।
एडिशनल डीसीपी ग्रेटर नोएडा सुधीर कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। हत्या की गंभीरता को देखते हुए मुकदमा दर्ज कर विवेचना शुरू की थी। पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर की सूचना के आधार पर रविवार को अमरपुर की ओर जाने वाले तिरो के पास से आरोपी अवनीश नागर को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई तो उसने अपना जुर्म स्वीकार किया।
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त सब्जी काटने वाली (चाक), रस्सी, मृतक का टूटा हुआ मोबाइल फोन, मृतक के पैरों का जूता, पशु बांधने वाली रस्सी, 45 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं। मोहम्मद उर्फ मोहम्मद कुरैशी पशु खरीदने के लिए काफी पैसा नकद लेकर आता है। आरोपी ने पशु खरीदवाने के लिए बहाने पैसों के लालच में एनआईयू के पीछे जंगल में ले जाकर उसकी हत्या की थी।
पशु व्यापारी के पैसे से उतारा कर्ज
कोतवाली प्रभारी मुनेंद्र सिंह का कहना है कि पुलिस पूछताछ में पता चला है कि आरोपी पशुओं को पालने का काम करता है। आरोपी की शादी हो चुकी है और दो बच्चे भी हैं। पिछले दिनों आरोपी की पत्नी की बुखार आदि तबीयत खराब होने पर उसका इलाज कराया था। इस कारण आरोपी का एक मेडिकल स्टोर से ली गई दवा के साथ फल और सब्जी वाले पर कर्ज हो गया था। कर्ज को अदा नहीं कर पाने के कारण वह परेशान था। आरोपी पशु पालक को पूर्व में पशु खरीदवा चुका था।
इस कारण उसपहले से जानकारी थी कि वह पशु खरीदने के लिए अच्छा नकद पैसा लेकर आता है। इस कारण उसने पशु व्यापारी को पशु खरीदवाने के बहाने से बुलाकर पैसों के लालच में एनआईयू के पीछे जंगल में ले जाकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने गाड़ी से उतरने के बाद उसके गले पर चाकू से वार करने के बाद उसके पास मौजूद पैसों को लूट लिया था। आरोपी ने पशु व्यापारी से लूटे गए 25 हजार रुपये से हत्या के बाद बाद अपना कर्ज भी उतरा है। 4500 सब्जी वाले, 4600 रुपये फल वाले व 11 हजार रुपये का भुगतान मेडिकल स्टोर वाले को किया था। कुछ पैसे निजी खर्च में भी लाए थे।