जिम्स के प्रॉक्टर व हेड सर्जरी डॉ. सतेंद्र कुमार ने बताया, खानपान में मिलावट के कारण ही हो रहा है। सबसे अधिक पथरी के मामले 30 से 45 साल की महिलाओं में देखे जा रहे हैं। मोटापा पुरुषों और महिलाओं दोनों में पथरी का कारण बन रहा है।
महिलाओं में पथरी के मामले बढ़ते जा रहे हैं। जिम्स में प्रतिदिन 12 केसों में से 8 में पित्ताशय की सर्जरी हो रही है। इनमें 5 महिलाएं होती हैं। इसका बड़ा कारण हार्मोनल परिवर्तन है। एस्ट्रोजन हार्मोंस लीवर में कोलेस्ट्रॉल संश्लेषण बढ़ा रहा है, जो महिलाओं के पित्ताशय में पथरी का कारण बन रहा है। एस्ट्रोजन हार्मोस के असंतुलन और कॉलेस्ट्राल बढ़ने के साथ ही मोटापे के कारण पित्ताशय में पथरी (गाल ब्लैडर स्टोन) के मामले महिलाओं में अधिक आ रहे हैं। फास्ट फूड का अधिक सेवन करने से यह समस्या ज्यादा हो रही है।
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जिम्स के प्रॉक्टर व हेड सर्जरी डॉ. सतेंद्र कुमार ने बताया, खानपान में मिलावट के कारण ही हो रहा है। सबसे अधिक पथरी के मामले 30 से 45 साल की महिलाओं में देखे जा रहे हैं। मोटापा पुरुषों और महिलाओं दोनों में पथरी का कारण बन रहा है। मोटापे से उच्च कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगता है। वजन कम होना या कम करने के लिए सर्जिकल उपचार भी पथरी का कारण बन रहे हैं। पांच साल के बच्चे से लेकर 75 साल के बुजुर्ग तक शामिल हैं। हालांकि मरीजों में पुरुषों की अपेक्षा महिलाएं अधिक पीड़ित हैं। उन्होंने बताया कि गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल असंतुलन से पेंक्रियाज और पित्ताशय में संक्रमण या सूजन बढ़ जाती है।
पथरी का दर्द कर रहा कमजोर
पित्ताशय की पथरी से संबंधित दर्द कुछ ही घंटों तक महसूस होता है, यह मरीज को काफी कमजोर कर देता है। पित्ताशय में पथरी के कारण पेट के दाहिने ऊपरी हिस्से या पेट के बीच में परेशानी पैदा हो सकती है। पित्ताशय में दर्द कभी भी हो सकता है, हालांकि उच्च वसा वाले खाद्य पदार्थ खाने के बाद यह दर्द अधिक सामान्य है।
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इस तरह से करें बचाव
ब्रोकली, स्ट्राबेरी, टमाटर, आंवला, संतरा, साबुत अनाज का सेवन करें