बसपा और सपा के शासन में भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ दर्ज राजनीतिक मुकदमे और फर्जी आपराधिक मुकदमे वापस लिए जाएंगे। प्रदेश सरकार ने अब तक पांच हजार से अधिक मुकदमे वापस लिए हैं, शेष सभी मुकदमे जुलाई तक वापस लेने की कवायद शुरू की गई है।
भाजपा के राष्ट्रीय महामंत्री बीएल संतोष और प्रदेश प्रभारी राधा मोहन सिंह के साथ हुई बैठक के बाद प्रदेश भाजपा व सरकार ने मुकदमे वापसी की कवायद शुरू की है। सपा, बसपा के शासन में सरकार की नीतियों के खिलाफ हुए तहसील थाना आंदोलन, मुजफ्फरनगर दंगे और कैराना पलायन आंदोलन सहित विभिन्न मौकों पर भाजपा के बड़े नेताओं व कार्यकर्ताओं के खिलाफ हजारों मुकदमे दर्ज किए गए थे।
इनमें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, गन्ना मंत्री सुरेश राणा, श्रण कल्याण परिषद के अध्यक्ष सुनील भराला सहित अन्य नेताओं के खिलाफ भी मामले दर्ज हुए थे।
सरकार में हुई समीक्षा में सामने आया है कि अब तक पांच हजार से अधिक मुकदमे वापस लिए गए हैं। जबकि शेष मुकदमे वापस लेने के लिए गृह और विधि विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है। पार्टी के नेताओं का मानना है कि मुकदमे वापसी का पार्टी को पश्चिमी उतर प्रदेश में सबसे ज्यादा लाभ मिलेगा।